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CG: सुशील आनंद का बड़ा आरोप- छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, विभाग की दुर्दशा ठीक करें स्वास्थ्य मंत्री

Tue, 22 Sep 2026 01:14 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Tue, 22 Sep 2026 01:14 PM IST
सार

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो चुकी है।

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CG: Sushil Anand shukla allegation on Chhattisgarh healthcare system is in shambles
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था

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बदहाल हो चुकी है।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज नहीं हो पा रहा। प्रदेश नकली दवाओं का केंद्र बन चुका है, राजधानी सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में, हर सरकारी अस्पताल में लगातार नकली दवाएं मिल रही है। मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा, मेकाहारा जैसे अस्पताल में एक बेड पर दो प्रसूता को बच्चों के साथ लिटाया जाता। स्वास्थ्य मंत्री व्यवस्था सुधारने के बजाय उस पर पर्दा डालने में लगे है। 

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उन्होंने कहा किमेकाहारा जैसे अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्केन की फिल्म तक नहीं है। जांच के लिये किट नहीं मिलती है। सामान्य जांच के लिये मरीज भटक रहे हैं। भाजपा सरकार की प्राथमिकता में लोगो का इलाज है ही नही, भाजपा सरकार के लिये स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार करने का अड्डा मात्र बना हुआ है। प्रदेश के वर्तमान 10 मेडिकल कालेज में 2660 स्वीकृत पदों में से 1290 पद लगभग आधे खाली पड़े हैं। ऐसे में मरीजो का कैसे इलाज होगा! जिला अस्पताल तो सुविधाओंके आभाव में दम तोड़ रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य में 65 प्रतिशत स्थानों और जिला अस्पतालो में 60 प्रतिशत पद खाली हैं।। राज्य के सरकारी अस्पतालो में इलाज कम भ्रष्टाचार अधिक होता है। प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों में नकली दवाएं उपयोग की शिकायते सामने आ चुकी है।

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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग ने कहा है कि स्वास्थ्य बजट का सही क्रियान्वयन न होने, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, समय पर दवाओं की आपूर्ति न होने और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के बजट में कटौती के चलते ही स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। शहरी और मैदानी इलाकों में स्वाइन फ्लू (H1N1) ने भयावह रूप ले लिया है। अस्पतालों में वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड और जरूरी दवाओं का भारी अभाव है। विभागीय मंत्री विज्ञापनबाजी और कागजी बैठकों तक ही सीमित है।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि बेहद शर्मनाक है कि राज्य के लोगो की बड़ी उम्मीद मेकाहारा रायपुर तथा डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था और सरकार की लापरवाही का शिकार है। मेकाहारा में करोड़ो की मशीने स्टालेशन के आभाव में तथा योग्य चिकित्सको होने के बाद मेकाहारा में सुविधाये नहीं होने के कारण लोगो के ईलाज में देरी होती है। सरकार कभी दवाई नहीं उपलब्ध करवा पाती तो कभी एक्सरे फिल्म, तो कभी पैथालाजी के सामन। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

 

उन्होंने कहा है कि सरकार की लापरवाही और बदनियती के चलते ही छत्तीसगढ़ में मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बे-मौत मरने मजबूर हैं। नकली और अमानक दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में दी जा रही कई दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हो रही है। समय पर एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। सिटी स्कैन, एम आर आई, सोनोग्राफी, एक्स रे और खून पेशाब की जांच के लिए मरीज भटक रहे हैं। 


 

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