फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   CG News: Guru Govind Singh SahibJadon story will be included in school curriculum, CM Sai announce

CG News: स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल होगी गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान की कहानी,सीएम साय ने की घोषणा

Thu, 26 Dec 2024 07:53 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 26 Dec 2024 07:53 PM IST
सार

Veer Bal Diwas 2024: छत्तीसगढ़ के स्कूल पाठ्यक्रम में गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान की कहानी पढ़ाई जायेगी। गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों यानी जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान के कहानी स्कूल के कोर्स में शामिल की जायेगी।

विज्ञापन
CG News: Guru Govind Singh SahibJadon story will be included in school curriculum, CM Sai announce
ग्राफिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

CM Vishnudeo Sai on Veer Bal Diwas 2024: छत्तीसगढ़ के स्कूल पाठ्यक्रम में गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान की कहानी पढ़ाई जायेगी। गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों यानी जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान के कहानी स्कूल के कोर्स में शामिल की जायेगी। इस बात की घोषणा छत्तीसगढ़ के सीएम  विष्णु देव साय ने आज गुरुवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर कही। 

विज्ञापन




सीएम साय ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की वीरता की कहानी बच्चों को देश प्रेम की प्रेरणा देगी और अपने कर्तव्यों के लिये साहस के साथ आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करेगी। 26 दिसम्बर को हम सभी वीर बाल दिवस मना रहे हैं, जो हमारे लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है। इस दिन सिख पंथ के दसवें गुरु गुरू गोविंद सिंह के साहिबजादे, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। मैं उनकी शहादत को शतशत नमन करता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने घोषणा की थी कि गुरू गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत की स्मृति में 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। यह आयोजन हमें उनके साहस और वीरता को याद करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर देता है। गुरु जी के साहिबजादों ने कभी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया और अपनी संस्कृति, धर्म और देश के रक्षा के लिए जीवन का त्याग दिया। छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने देश के लिए शहादत की जो प्रेरणा सबके समक्ष रखी, वो आदर्श हमेशा प्रकाश स्तंभ की तरह हमें राह दिखाएंगे।
विज्ञापन


सूरा सो पहचानिए जो लरै दीन के हेत। 
पुरजा-पुरजा कट मरै, कबहू न छाडै खेत।।


सीएम साय ने ट्वीट कर लिखा कि ' सूरा सो पहचानिए जो लरै दीन के हेत। 
पुरजा-पुरजा कट मरै, कबहू न छाडै खेत।।

आज मेडिकल कॉलेज सभागार, रायपुर में "वीर बाल दिवस" पर आयोजित संगोष्ठी में सम्मिलित हुआ और देश-धर्म के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वाले गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों को सादर श्रद्धासुमन अर्पित किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


साहिबजादों के अदम्य साहस की गौरवगाथा हम सभी को धर्म की रक्षा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती है, उनकी पावन स्मृतियां हम सभी के हृदय में सदैव जीवंत रहेंगी।'



कौन थे गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों?
बता दें कि गुरु गोविंद सिंह के चार बेटे अजीत सिंह, जूझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह थे। उनके छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने इस्लाम धर्म कबूल करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मुगल शासक सरहिंद के नवाब वजीर खान ने उन्हें दीवार में जिंदा चुनवा दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed