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CG: कवर्धा सड़क हादसे पर हाई कोर्ट की टिप्पणी; कांग्रेस बोली- भाजपा सरकार के कुशासन को दिखाया आईना
Fri, 31 May 2024 04:34 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 31 May 2024 04:34 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के कवर्धा सड़क हादसे में 19 मौतों को बिलासपुर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका माना है। इस पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कवर्धा सड़क हादसे में 19 मौतों को बिलासपुर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका माना है। इस पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री जिनके पास परिवहन विभाग है और गृहमंत्री विजय शर्मा जो राज्य की कानून व्यवस्था संभाल नहीं पा रहे अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।
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शुक्ला ने कहा कि हाई कोर्ट ने राज्य में बेलगाम परिवहन व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया है। यह राज्य सरकार की अक्षमता है कि उच्च न्यायालय को स्वयं संज्ञान लेकर कड़ी टिप्पणी करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है रोज दुर्घटनायें हो रही है कोई ध्यान देने वाला नहीं है। नेशनल हाईवे में हैवी ट्रेफिक है, सड़के उखड़ी हुई है कोई ध्यान देने वाला नहीं है। बिलासपुर में क्राइम बढ़ा है, ट्रेफिक बदहाल है, पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। कन्ट्रोल करने वाला कोई नहीं है।
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सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की पुलिस और परिवहन अमला चेकिंग का उपक्रम करके सिर्फ वसूली करने में व्यस्त है। प्रदेश के सभी मार्गों पर हर एक किलोमीटर में ट्रैफिक, आरटीओ और पुलिस की चेकिंग वैन सड़क के किनारे वाहनों को रोकते दिख जायेगी। इनका काम केवल अवैध उगाही करना और अवैध इन्ट्री शुल्क वसूलना रह गया। उनका आरोप ही कि मालवाहक वाहन में दर्जनों की संख्या में लोक ठूस-ठूस कर ले जाये जाते है। पुलिस और आरटीओ, ट्रैफिक विभाग के लोग चंद रुपयों के बदले मौन रहते है। पंडरिया हादसा सरकार के भ्रष्टाचार का परिणाम है।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पांच माह में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है। गुंडे, अपराधी, लूटेरे, चोर बेलगाम हो गये है, बलात्कार और हत्यायें आम हो गयी है। इन घटनाओं को रोकने की दिशा में सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। सत्तारूढ़ दल के लोग अपराधियों के पैरोकार बन गये है। पुलिस की पीसीआर वैन तो वसूली वैन बन चुकी है जो नशाखोरों, अपराधियों को चंद रूपयों के बदले संरक्षण देती है। हाई कोर्ट की टिप्पणी राज्य की जर्जर कानून व्यवस्था का आईना है।