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CG: सीएम साय ने किया भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास; बोले- देश के लिए मॉडल बनेगी एआई क्रांति
Sat, 03 May 2025 09:56 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 03 May 2025 09:56 PM IST
सार
India first AI data center park in new Raipur: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने आज शनिवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज रखी।
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सीएम साय ने किया भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
India first AI data center park in new Raipur: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने आज शनिवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और एआई प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए जीपीयू आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा। नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना के लिये उद्योग आ रहे हैं। यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये। एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा।
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साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा?
छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर के लिए असीम संभावनाएं
दुनियाभर में डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की बुनियाद डाटा सेंटर पर होती है। छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली स्टेट है, इस वजह से यहां पर डाटा सेंटर के लिए असीम संभावनाएं हैं। रैस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से इसका भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक जमाने के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की ओर से इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्पित रूप से काम किया जा रहा है। बीते दिनों प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए भी भूमिपूजन किया गया। इसकी लागत 1163 करोड़ की है।
एआई को चलाने के लिये सबसे उपयोगी टूल
डाटा सेंटर एआई को संचालित करने के लिए सबसे उपयोगी टूल होते हैं। एआई लार्ज लैंग्वेज माडल पर काम करते हैं और डाटा माइनिंग का काम करते हैं। जब भी डाटा माइनिंग होती है बड़े पैमाने पर ऊर्जा लगती है और इसके लिए डाटा सेंटर उपयोगी होते हैं। भविष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे। भारत अपना स्वयं का एआई माडल तैयार कर रहा है। स्वाभाविक रूप से देश की प्रगति के साथ छत्तीसगढ़ भी तेजी से कदमताल करेगा।
जानें इसकी खासियत
छत्तीसगढ़ देगा टक्कर
एआई डाटा सेंटर बनने से राज्य में नई तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप्स को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे निवेश को बढ़ावा बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह राज्य के डिजिडल भविष्य को नया रूप देगा।
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यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और एआई प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए जीपीयू आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा।
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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा। नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना के लिये उद्योग आ रहे हैं। यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये। एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा।
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साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा?
- रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे।
- किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा।
- आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी।
- आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।
छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर के लिए असीम संभावनाएं
दुनियाभर में डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की बुनियाद डाटा सेंटर पर होती है। छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली स्टेट है, इस वजह से यहां पर डाटा सेंटर के लिए असीम संभावनाएं हैं। रैस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से इसका भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक जमाने के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की ओर से इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्पित रूप से काम किया जा रहा है। बीते दिनों प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए भी भूमिपूजन किया गया। इसकी लागत 1163 करोड़ की है।
एआई को चलाने के लिये सबसे उपयोगी टूल
डाटा सेंटर एआई को संचालित करने के लिए सबसे उपयोगी टूल होते हैं। एआई लार्ज लैंग्वेज माडल पर काम करते हैं और डाटा माइनिंग का काम करते हैं। जब भी डाटा माइनिंग होती है बड़े पैमाने पर ऊर्जा लगती है और इसके लिए डाटा सेंटर उपयोगी होते हैं। भविष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे। भारत अपना स्वयं का एआई माडल तैयार कर रहा है। स्वाभाविक रूप से देश की प्रगति के साथ छत्तीसगढ़ भी तेजी से कदमताल करेगा।
जानें इसकी खासियत
- यह पार्क अटल नगर नवा रायपुर स्थित सेक्टर-22 सीबीडी रेलवे स्टेशन के पास बनेगा
- इस एआई एक्सक्लूजिव डाटा सेंटर पार्क की लागत 1000 करोड़ रुपए है
- सेक्टर-22 में 14 एकड़ पर भूमि डाटा सेंटर बनेगा
- इसमें 2.7 हेक्टेयर एरिया स्पेशल इकानामिक जोन के विकास के लिए रहेगा
- बड़ी मल्टी कंपनियां करेंगी संचालित
- एआई स्किल्ड युवाओं को मिलेगा रोजगार
छत्तीसगढ़ देगा टक्कर
एआई डाटा सेंटर बनने से राज्य में नई तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप्स को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे निवेश को बढ़ावा बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह राज्य के डिजिडल भविष्य को नया रूप देगा।