CG: 'यूपी में बनेंगे 3 मिनी पाकिस्तान; शंकराचार्य बोले- PM मोदी मूर्ति स्पर्श करेंगे तो क्या मैं ताली बजाऊंगा?
Shankaracharya Swami Nishchalanand Saraswati on on Ayodhya Shri Ram Temple: अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर के लिए 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इसे लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इससे पूर्व पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रायपुर में बड़ा बयान दिया है।
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Shankaracharya Swami Nishchalanand Saraswati on on Ayodhya Shri Ram Temple: अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर के लिए 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इसे लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इससे पूर्व पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रायपुर में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने आश्रम में कहा कि वे श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत नहीं करेंगे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि योगी और मोदी अभी तो खुश हैं, आगे चलकर कालांतर में यूपी में तीन मिनी पाकिस्तान बन जाएंगे। अयोध्या की तरह काशी और मथुरा में भी मस्जिद बनेगा।
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि मोदी लोकार्पण करेंगे, मूर्ति को स्पर्श करेंगे, तो मैं वहां तालियां बजाकर जय-जयकार करूंगा क्या? मेरे पद की भी मर्यादा है। राम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा शास्त्रों के अनुसार होनी चाहिए, ऐसे आयोजन में मैं क्यों जाऊं।
'भूपेश बघेल ने बाहर से मुसलमानों को लाकर छत्तीसगढ़ में बसाया'
उन्होंने राजनेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बाहर से मुसलमानों को लाकर छत्तीसगढ़ में बसाया है। ये हिंदू को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश की है। परिणाम है कि चारों खाने चित्त हो गए। वहीं पूर्व सीएम रमन सिंह पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भी ईसाई धर्मांतरण को बढ़ावा दिया गया। नेताओं ने जनता को पहले श्रमजीवी, बुद्धिजीवी के आधार पर बांट दिया, फिर सवर्ण और असवर्ण में बांटा। अब आदिवासी और नवागंतुक में बांट रहे हैं।
'मैं आयोजन में शामिल नहीं होऊंगा'
शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें आमंत्रण मिला है, इस पर लिखा है कि वे एक ही व्यक्ति के साथ आयोजन में आ सकते हैं। इसके अलावा उनसे किसी भी प्रकार का कोई संपर्क नहीं किया गया। यही वजह है कि मैं आयोजन में नहीं शामिल होऊंगा । राम मंदिर पर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह नहीं होनी चाहिए। इस समय राजनीति में कुछ सही नहीं है। धर्म स्थलों पर बनाए जा रहे कॉरिडोर की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि आज धर्म स्थलों को पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है। इस तरह इन्हें भोग-विलासता की चीजों को जोड़ा जा रहा है, जो सही नहीं है।
बता दें कि पीएम मोदी को श्रीराम जन्मभूति तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान के रूप में बुलाया है। ऐसे में चर्चा है कि प्रधानमंत्री अपने हाथों से ही रामलला की मूर्ति को गर्भगृह में सिंहासन पर विराजमान कराएंगे। शंकराचार्य ने ट्रस्ट के इस फैसले को लेकर विरोध जताया है।