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CBI RAID: एचसीएल के रिटायर्ड सीएमडी के घर सीबीआई की छापेमारी, 100 करोड़ के भुगतान में पाई गई थी गड़बड़ी
Fri, 02 Sep 2022 05:35 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्तीसगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्तीसगढ़
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 02 Sep 2022 05:35 PM IST
सार
एचसीएल की तरफ से मलाजखंड में कॉपर के रॉ मटेरियल से सोना निकालने वाला प्लांट तैयार किया जा रहा था। 200 करोड़ रुपये में प्लांट का ठेका एक कंपनी को दिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड(एचसीएल) के रिटायर्ड चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर(सीएमडी) संतोष शर्मा के घर पर सीबीआई की 13 सदस्यीय टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे छापेमारी की। दिल्ली और रायपुर के दुर्ग जिले के भिलाई सेक्टर-2, तालपुरी और मैत्रीकुंज के बंगलों पर की गई छापेमारी के बाद हड़कंप मच गया है। फिलहाल वह कनार्टक की एक कंपनी में बतौर डीजीएम कंसलटेंट के पद पर कार्यरत हैं।
100 करोड़ के भुगतान का सीबीआई कर रही है जांच
जानकारी के मुताबिक, एचसीएल की तरफ से करीब तीन साल पहले मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के मलाजखंड में कॉपर के रॉ मटेरियल से सोना निकालने वाला प्लांट तैयार किया जा रहा था। 200 करोड़ रुपये में प्लांट का ठेका एक कंपनी को दिया गया। पद पर रहते हुए संतोष शर्मा ने 100 करोड़ का भुगतान उस कंपनी को कर दिया। उसके बाद कंपनी ने प्लांट का काम नहीं किया और फरार हो गई। मामले की जांच की गई तो गड़बड़ी पाई गई। जिसके बाद पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। एचसीएल ने संतोष शर्मा के रिटायर होने के बाद भी पिछले दो साल से 75 लाख रुपये रोके हुए हैं।
रायपुर से की थी पढ़ाई
संतोष शर्मा ने 1982 में रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की थी। जिसके बाद वह भिलाई स्टील प्लांट में डीजीएम प्रोजेक्ट के पद पर तैनात रहे थे। उस दौरान एचसीएल के सीएमडी केडी दीवान के कहने पर संतोष शर्मा ने 2013 में एचसीएल ज्वाइन की। दो साल पहले रिटायर्ड हुए संतोष को केडी दीवान के बाद एचसीएल का सीएमडी बनाया गया था।
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100 करोड़ के भुगतान का सीबीआई कर रही है जांच
जानकारी के मुताबिक, एचसीएल की तरफ से करीब तीन साल पहले मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के मलाजखंड में कॉपर के रॉ मटेरियल से सोना निकालने वाला प्लांट तैयार किया जा रहा था। 200 करोड़ रुपये में प्लांट का ठेका एक कंपनी को दिया गया। पद पर रहते हुए संतोष शर्मा ने 100 करोड़ का भुगतान उस कंपनी को कर दिया। उसके बाद कंपनी ने प्लांट का काम नहीं किया और फरार हो गई। मामले की जांच की गई तो गड़बड़ी पाई गई। जिसके बाद पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। एचसीएल ने संतोष शर्मा के रिटायर होने के बाद भी पिछले दो साल से 75 लाख रुपये रोके हुए हैं।
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रायपुर से की थी पढ़ाई
संतोष शर्मा ने 1982 में रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की थी। जिसके बाद वह भिलाई स्टील प्लांट में डीजीएम प्रोजेक्ट के पद पर तैनात रहे थे। उस दौरान एचसीएल के सीएमडी केडी दीवान के कहने पर संतोष शर्मा ने 2013 में एचसीएल ज्वाइन की। दो साल पहले रिटायर्ड हुए संतोष को केडी दीवान के बाद एचसीएल का सीएमडी बनाया गया था।
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