{"_id":"5d417eae8ebc3e6cf7222cc5","slug":"buniyad-betiyan-anmol-foundation-undertaken-initiative-of-performing-last-rites-of-unclaimed-bodies","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: अनमोल बेटियों की अनोखी पहल, सम्मान के साथ लावारिस शवों का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: अनमोल बेटियों की अनोखी पहल, सम्मान के साथ लावारिस शवों का अंतिम संस्कार
Wed, 31 Jul 2019 05:48 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 31 Jul 2019 05:48 PM IST
विज्ञापन
बुनियाद बेटी अनमोल फाउंडेशन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ में बुनियाद बेटी अनमोल फाउंडेशन की महिलाओं ने एक अनोखी पहल की है। चार बहनों ने मिलकर इस फाउंडेशन की शुरुआत की है और इन्होंने तय किया है कि चारों बहने मिलकर लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करेंगी। फांउडेशन गरीब परिवारों को भी अंतिम संस्कार करने में मदद करेगा।
फाउंडेशन की अध्यक्ष निम्मी चौबे ने कहा कि हम हमेशा से जरूरतमंदों की मदद करना चाहते थे। हमें लगा कि हमारी सबसे ज्यादा जरूरत उन लोगों को है, जिनका कोई नहीं है। हम कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करें ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पिछले बुधवार को आमानाका थाना, मंदिर हसौद और मौदहापारा से सूचना मिली की 7 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना है। डॉ. अंबेडकर अस्पताल में तीन शवों का ही पोस्टमार्टम हो पाया। तीनों शवों का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बाकी चार शवों का अंतिम संस्कार गुरुवार को शहर के कोटा स्थित श्मशानघाट में किया गया।
विज्ञापन
Raipur: A group of women of NGO Buniyad Betiyan Anmol Foundation has undertaken the initiative of performing last rites of unclaimed bodies found in the city. #Chhattisgarh pic.twitter.com/3z4SJWGMn3
— ANI (@ANI) July 31, 2019विज्ञापन
फाउंडेशन की अध्यक्ष निम्मी चौबे ने कहा कि हम हमेशा से जरूरतमंदों की मदद करना चाहते थे। हमें लगा कि हमारी सबसे ज्यादा जरूरत उन लोगों को है, जिनका कोई नहीं है। हम कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करें ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पिछले बुधवार को आमानाका थाना, मंदिर हसौद और मौदहापारा से सूचना मिली की 7 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना है। डॉ. अंबेडकर अस्पताल में तीन शवों का ही पोस्टमार्टम हो पाया। तीनों शवों का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बाकी चार शवों का अंतिम संस्कार गुरुवार को शहर के कोटा स्थित श्मशानघाट में किया गया।