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खुदकुशी के लिए उकसाने वाले देवर को सात साल कैद: भाभी से अवैध संबंध रखे, पति को छोड़कर आई तो निकाला था घर से

Tue, 28 Mar 2023 07:08 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 28 Mar 2023 07:08 PM IST
सार

जानकी ने अपनी मां से कहा कि, चंद्रशेखर ने उसका घर बर्बाद कर दिया है। उसके जीने की इच्छा समाप्त हो गई है। जानकी की मां ने उसे समझाया और सब रात को सो गए। सुबह जब परिजनों ने देखा तो जानकी बाई ने साड़ी से फांसी लगा ली थी। 

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Brother-in-law sentenced to seven years for abetting sister-in-law suicide in gpm
कोर्ट ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भाभी को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले युवक को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। युवक के अपनी ही भाभी से अवैध संबंध थे। महिला अपने पति को छोड़कर देवर के घर रहने आई तो वहां से भी उसे निकाल दिया गया। इसके बाद महिला ने खुदकुशी कर ली थी। मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट गौरेला में हुई है। कोर्ट ने युवक को खुदकुशी के लिए उकसाने का दोषी माना है। मामला मरवाही थाना क्षेत्र का है। 

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मालाडांड़ निवासी जानकी बाई ने 13 मार्च 2022 को अपने घर में साड़ी से फांसी लगा ली थी। पुलिस जांच में पता चला कि, जानकी बाई का करगी कला निवासी अपने देवर चंद्रशेखर से प्रेम संबंध था। 19 फरवरी की रात में चंद्रशेखर से जानकीबाई मोबाइल पर बात कर रही थी। इसी दौरान उसके पति ने पकड़ लिया। इसके बाद जानकी बाई अपने देवर चंद्रशेखर के साथ उसके घर चली गई थी। कुछ दिन बाद जानकी अपने मायके पहुंची और मां को बताया कि चंद्रशेखर ने उसे रखने से इनकार कर दिया है। 
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जानकी ने अपनी मां से कहा कि, चंद्रशेखर ने उसका घर बर्बाद कर दिया है। उसके जीने की इच्छा समाप्त हो गई है। जानकी की मां ने उसे समझाया और सब रात को सो गए। सुबह जब परिजनों ने देखा तो जानकी बाई ने साड़ी से फांसी लगा ली थी। जांच के बाद पुलिस ने चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में एडीजे गौरेला किरण थवाईत ने फैसला सुनाते हुए चंद्रशेखर को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 

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