Balod: अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा ना जोड़ पाई अपने पार्षद, अब चली उपाध्यक्ष सोनवानी को गिराने
तीन सीट हार चुकी भाजपा के लिए ऐसे मंडल अध्यक्ष कहीं ना कहीं पार्टी को हासिए पर ले जा रहे हैं। आज भी अध्यक्ष को लेकर कोई स्पष्ट नीति भाजपा नहीं अपना पाई है।
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बालोद जिले की गुरुर नगर पंचायत को भारतीय जनता पार्टी ने गुड्डे गुड़ियों का खेल समझ लिया है। आज भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर उपाध्यक्ष प्रमोद सोनवानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की पेशकश की है। यह विषय हास्यास्पद इसलिए है क्योंकि इससे ठीक 1 वर्ष पूर्व नगर पंचायत के पार्षदों ने मंडल अध्यक्ष कौशल साहू के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। मंडल अध्यक्ष सहित समस्त पदाधिकारी स्वयं पीछे हट गए थे और पार्षद भी दो गुटों में हो गए थे जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी की काफी किरकिरी हुई थी। बावजूद इसके जिला एवं प्रदेश संगठन ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया अब क्योंकि उपाध्यक्ष पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है इसमें मंडल अध्यक्ष कौशल साहू ने सीधे-सीधे खुद को मामले से दरकिनार करते हुए कहा कि पार्षदों से बात कर लो मैं इस विषय में कुछ नहीं कहना चाहता। जबकि वो तस्वीरों में स्पष्ट देखे जा रहे हैं।
तीन सीट हार चुकी भाजपा के लिए ऐसे मंडल अध्यक्ष कहीं ना कहीं पार्टी को हासिए पर ले जा रहे हैं आज भी अध्यक्ष को लेकर कोई स्पष्ट नीति भाजपा नहीं अपना पाई है। वहीं आज के अविश्वास प्रस्ताव के पत्र में एक बात यह देखने के मिली है कि इस पत्र में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपने सील पैड में अध्यक्ष नाम के अंकित किया है। इससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह अविश्वास प्रस्ताव का पत्र काफी पुराना है जिसे आज दिया गया है। अविश्वास प्रस्ताव ने इस तस्वीरों में ऐसे लोग भी दिख रहे हैं जो अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा की बर्बादी का तमाशा देख रहे थे।
पूरे विषय में जब विधायक संगीता सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने सीधे शब्दों में कहा की भाजपा झुंझलाहट में ऐसा काम कर रही है यह जो पत्र है शायद पहले से बना हुआ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र है। अब भाजपा की बात करें तो अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में 4 पार्षद अलग और 3 पार्षद अलग थे अब भला ऐसे में जो अपने पार्षदों को नहीं जोड़ पाई वो अब उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रही है। इससे स्पष्ट होता है कि नगर पंचायत के कामों को रोककर नगर का विकास रोककर भाजपा अपनी राजनैतिक रोटी सेकना चाहती है। जनता जानती है कि भाजपा केवल विकास को प्रभावित करने इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
भारतीय जनता पार्टी के जिन पार्षदों ने आज अविश्वास प्रस्ताव की पेशकश की है उसमें एक निर्दलीय पार्षद टिकेश्वरी साहू का भी दस्तखत है। भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत के उपाध्यक्ष प्रमोद सोनवानी द्वारा विकास कार्यों में हमेशा से बाधा उत्पन्न की जाती है इसके कारण नगर पंचायत क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ है। इसके कारण हम अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर पार्षदों ने यह पत्र कलेक्टर के नाम सौंपा है।
मंडल अध्यक्ष कौशल साहू की कार्यप्रणाली पर स्वयं भाजपाई ही संदेह लगाते नजर आ रहे हैं। यहां पर भाजपा के प्रसाद ही उनके खिलाफ भाजपा जिला संगठन प्रभारी मधुसूदन यादव के समक्ष शिकायत कर चुके हैं। जिसको लेकर अब तक संगठन ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसको लेकर मंडल अध्यक्ष के खिलाफ नाराजगी है वहीं ग्रुप से मण्डल अध्यक्ष द्वारा कई क्रायकर्ताओ को हटाया गया था जिसको लेकर भी कौशल साहू की शिकायत हुई थी। बावजूद इसके मंडल अध्यक्ष के खिलाफ अब तक न कोई कमिटी बैठी ना ही कोई कार्रवाई की गई है। संजारी बालोद में सुस्त पड़े इस भाजपा को तारने कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है जो भाजपा अध्यक्ष पद के लिए अपने पार्षदों को नहीं जोड़ पाई वो उपाध्यक्ष के लिए कितनी सक्रियता दिखा पाती है।