फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur-Chhattisgarh News ›   High Court seeks reply from government and smart city company in Bilaspur

Bilaspur: बिना आरक्षण दुकानें आवंटित करने का मामला, हाईकोर्ट ने सरकार और स्मार्ट सिटी कंपनी से मांगा जवाब

Mon, 04 Mar 2024 04:44 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) Published by: Digvijay Singh Updated Mon, 04 Mar 2024 04:44 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खण्डपीठ ने राज्य शासन और बिलासपुर स्मार्ट सिटी कंपनी से एक   जनहित याचिका पर जवाब तलब किया है। 

विज्ञापन
High Court seeks reply from government and smart city company in Bilaspur
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खण्डपीठ ने राज्य शासन और बिलासपुर स्मार्ट सिटी कंपनी को उस जनहित याचिका पर जवाब तलब किया है जिसमें बिलासपुर सिटी कोतवाली थाना परिसर में मल्टीलेवल कार पार्किंग के भूतल पर दुकान निर्माण और बिना आरक्षण नियमों के दुकानों के आवंटन को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट आज महाधिवक्ता की उस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ कि स्मार्ट सिटी एक एसपीवी कंपनी है, इसलिए आरक्षण नियम उस पर लागू नहीं होता। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव का तर्क था कि स्मार्ट सिटी का स्वामित्व राज्य सरकार और नगर निगम का है, इसलिए वह सरकारी कंपनी है और उस पर निगम के आरक्षण नियम पूरी तरह लागू होते हैं।

विज्ञापन

 

इस मामले में दुकानों का निर्माण बिना नक्शा पास किये और भूखण्ड का स्वामित्व न होने को भी चुनौती दी गई है। गौरतलब है कि स्वयं शासन ने आज स्वीकार किया कि पहले दुकानों की निर्माण की कोई योजना नहीं थी और केवल कार पार्किंग बनाई जा रही थी, लेकिन बाद में पुलिस विभाग के लिए मकानों के निर्माण के लिए धन राशि की व्यवस्था करने हेतु दुकानें निर्मित की गई हैं। याचिकाकर्ता नंद किशोर राज और महेश दुबे ने अपनी याचिका के साथ कार पार्किंग और दुकानों के फोटो ग्राफ भी लगाये हैं । तस्वीर में नक्शा पास ना होने और कार पार्किंग में सभी वेंटीलेशन को बंद कर भूतल को अवैध रूप से दुकानों में परिवर्तित करना दर्शाया गया है, इससे  अग्नि दुर्घटना की स्थिति में भारी जनधन हानि की आशंका जताई गई है।

विज्ञापन

 

गौरतलब है कि नगर निगम स्थाई संपत्ति अंतरण नियम 1994 के अनुसार दुकानों के आवंटन में नगर निगम क्षेत्र की एससी,एसटी,ओबीसी जनसंख्या के हिसाब से और महिला,विकलांग,भूतपूर्व सैनिक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जैसी श्रेणियों के लिए भी दुकाने आरक्षित करने का प्रावधान है। आज शासन ने स्वयं यह हाईकोर्ट को बताया कि जून 2024 में स्मार्ट सिटी कंपनी समाप्त हो जाएगी और वह परिसर नगर निगम बिलासपुर के कब्जे में रहेगा, इस पर खंण्डपीठ ने सवाल उठाया कि फिर आप आज दुकान आवंटन करने का अधिकार कैसे रखते हैं?

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed