Bilaspur: गांवों से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइन को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई, 20 मार्च को अगली सुनवाई
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कई गांवों से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइन के नीचे और आसपास करंट से लोगों के प्रभावित होने की खबर पर चल रही जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई।
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कई गांवों से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइन के नीचे और आसपास करंट से लोगों के प्रभावित होने की खबर पर चल रही जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। वहीं इस पूरे मामले में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने 765 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की क्रॉसिंग पर न्यूनतम ऊर्ध्वाधर ग्राउंड क्लीयरेंस की समीक्षा और उपचारात्मक उपाय को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश नहीं हो पाई है। जिसके लिए अगली सुनवाई का समय 20 मार्च को निर्धारित की गई है। दरअसल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 26 नवंबर 2024 के आदेश में विद्युत विभाग के अधिवक्ता ने बताया था कि विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय की एक समिति गठित की गई है, जिसमें कृषि क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइन स्थापित करने वाली कंपनियों को ट्रांसमिशन लीकेज का समाधान निकालने के लिए बुलाया गया है और कहा गया है कि समिति की रिपोर्ट भी सुनवाई में न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी।
जिसके बाद 21 जनवरी 2025 को सुनवाई करते में केंद्र सरकार के अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने उनके द्वारा दायर संक्षिप्त हलफनामे में कहा कि, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने 765 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की क्रॉसिंग पर न्यूनतम ऊर्ध्वाधर ग्राउंड क्लीयरेंस का आकलन/समीक्षा करने के लिए जनहित याचिका के अनुसार एक समिति गठित की है, लेकिन हितधारकों से अनुरोध करने के बाद समिति की रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है। जिसके बाद आज हाइकोर्ट की बेंच में आदेश के परिपालन के लिए सुनवाई हुई। लेकिन आज भी रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकी।
बता दें कि बिलासपुर के कई गांव में हाईटेंशन विद्युत लाइन की ऊंचाई कम होने की वजह से नीचे और आसपास करंट होने के चलते ग्रामीणों की परेशानी को लेकर प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की, जिसमें बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र के करीब 8 गांवों के खेतों में हाईटेंशन तार के नीचे और टॉवरों के आसपास करंट के झटके महसूस किए जाने की रिपोर्ट प्रकाशित की गई। जिले की इस समस्या से कछार, लोफंदी, भरारी, अमतरा, मोहतराई, लछनपुर, नवगंवा, मदनपुर अधिक प्रभावित हैं।
इस पूरे मामले में हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान 26 नवंबर 2024 के आदेश में विद्युत विभाग के अधिवक्ता ने बताया था कि विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय की एक समिति गठित की गई है, जिसमें कृषि क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइन स्थापित करने वाली कंपनियों को ट्रांसमिशन लीकेज का समाधान निकालने के लिए बुलाया गया है और कहा गया है कि समिति की रिपोर्ट भी सुनवाई में न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी। वहीं 21 जनवरी 2025 को सुनवाई करते में केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने उनके द्वारा दायर संक्षिप्त हलफनामे में कहा गया है, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की समिति की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने आदेश दिया गया। मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च 2025 को तय की गई।