Bilaspur: छज्जा गिरने से बच्चे की मौत और घायलों से जुड़ी जनहित याचिका पर हाइकोर्ट में सुनवाई, पढे़ं
बिलासपुर जिले के मल्हार में मकान का छज्जा गिरने से एक बच्चे की मौत और अन्य लोगों के घायल हो जाने की घटना को हाइकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका स्वीकार कर सुनवाई कर रहा है।
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बिलासपुर जिले के मल्हार में मकान का छज्जा गिरने से एक बच्चे की मौत और अन्य लोगों के घायल हो जाने की घटना को हाइकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका स्वीकार कर सुनवाई कर रहा है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा की बैंच में मामले की सुनवाई हुई। जिसमें पूर्व आदेश के अनुपालन में बिलासपुर कलेक्टर ने शपथपत्र पेश किया। जिसमें बताया गया कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी और अन्य विभाग के अधिकारियों को 3 सदस्यीय टीम ने जांच की है। जिसमें पाया गया कि डीजे की कंपन के कारण बालकनी नहीं गिरी। जबकि मामले का तथ्य यह है कि जिस वाहन पर डीजे लगा था, उससे बालकनी गिरी और इस तरह यह घटना घटी। इस पूरे मामले में डीजे और वाहन मालिक सहित चालक पर प्रथम सूचना रिपोर्ट कर दी गयी है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
बता दें, कि पिछले 30 मार्च की रात मल्हार के केंवटपारा में, हिन्दू नववर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज के कारण एक मकान की बालकनी गिर गई, जिससे नीचे खड़े कई लोग घायल हो गए। पांच लोग घायल हैं, जिनमें चार बच्चे हैं। इलाज के दौरान इनमें से एक की मौत हो गई थी। मामले में चौकी प्रभारी मल्हार का बयान भी आया था। जांच समिति की रिपोर्ट को पेश करते हुए उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया, कि मामले का तथ्य यह है कि जिस वाहन पर डीजे लगा था, उससे बालकनी गिरी और इस तरह यह घटना घटी।
इसके मद्देनजर, जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर, बिलासपुर ने उपरोक्त समाचार रिपोर्ट के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया है। बैंच ने मामले में सुनवाई करते हुए सभी तथ्यों पर बारीकी से नजर डालते हुए हलफनामा स्वीकार किया। मामले की अगली सुनवाई जून में होगी, जिसमें ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई होगी।