फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur-Chhattisgarh News ›   Court sentenced death penalty to culprit who murdered his wife and three children

Bilaspur: चरित्र पर शक के चलते पति ने पत्नी और तीन बच्चों को मार डाला, अदालत ने दोषी को दी मृत्युदंड की सजा

Tue, 13 Aug 2024 09:41 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 13 Aug 2024 09:41 PM IST
सार

दशम अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश के. त्रिपाठी ने मामले की त्वरित सुनवाई कर केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए उमेंद्र को उसके अपराध के लिए मरते दम तक लटकाए जाते हुए मृत्युदण्ड देने का आदेश पारित किया।

विज्ञापन
Court sentenced death penalty to culprit who murdered his wife and three children
बिलासपुर जिला न्यायालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चरित्र शंका पर पत्नी समेत तीन बच्चों की हत्या करने वाले उमेंद्र केवट को जिला न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोषी ने बीते दो जनवरी को रात में पत्नी एवं तीनों बच्चों की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, मस्तूरी थाना क्षेत्र के हिर्री में रहने वाले उमेंद्र केवट की शादी 2017 में सुक्रिता केवट से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे पुत्री खुशी (5 वर्ष), लिसा (3 वर्ष) और पुत्र पवन (18 माह) थे। आरोपी उमेंद्र अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और आए दिन मारपीट झगड़ा भी बात करता था। 
विज्ञापन


02 जनवरी 2024 को प्रार्थी सुमन केवट को सुबह 3:30 बजे मोबाइल फोन से पता चला कि उसके बहनोई उमेंद्र केवट द्वारा चरित्र शंका की बात को लेकर सुक्रिता केवट तथा उसके बच्चे खुशी केवट, दिशा केवट और पवन केवट की हत्या कर दी गई है। तब उसने अपने परिवार वालों के साथ आरोपी के घर जाकर देखा, तो गांव वालों की भीड़ थी। घर के अंदर जाकर देखा तो आरोपी के घर के पीछे बाड़ी में शौचालय के पीछे बहन सुक्रिता केवट औंधे मुंह गिरी पड़ी थी, उसके मुंह और गले पर चोट का निशान था।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर के अंदर जहां उसके जीजा एवं दीदी अपने बच्चों के साथ रहते थे, वहां अंदर बेड के किनारे भांजी खुशी बुरी हालत में तथा लिसा केवट और बेड के बीच में भांजा पवन चित हालत में मृत पड़े हुए थे। उनके गले में किसी रस्सी जैसी वस्तु से गला दबाए जाने का स्पष्ट निशान दिख रहा था। पुलिस ने न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत किया, जिस पर दशम अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश के. त्रिपाठी ने त्वरित सुनवाई कर मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए उमेंद्र को उसके अपराध के लिए मरते दम तक लटकाए जाते हुए मृत्युदण्ड देने का आदेश पारित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed