CG News: अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की तीन दिवसीय हड़ताल, सीएम के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
प्रदेश के सबसे बड़े संगठन अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रांत संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर के समस्त कर्मचारी 29 से 31 दिसंबर तक 3 दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बीजापुर में भी चारों विकासखंड बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपटनम व उसूर में कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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प्रदेश के सबसे बड़े संगठन, अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल के समर्थन में बीजापुर के चारों विकासखंडों - बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपटनम और उसूर में कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। इस संबंध में एक मांग पत्र मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर बीजापुर के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गबेल को सौंपा गया।
मांगों पर पूर्व में भी हुआ था प्रयास
यह हड़ताल कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर की जा रही है। संघ ने पूर्व में 18 जून 2025 को 'मोदी की गारंटी' के तहत की गई घोषणाओं को लागू करने के लिए ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन मांगों पर कोई समाधान न निकलने से क्षुब्ध होकर संगठन ने पूरे प्रदेश में पुनः तीन दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया।
भोपालपटनम में रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
प्रांतीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार, भोपालपटनम में कर्मचारियों ने ब्लॉक संरक्षक ए. सुधाकर, अध्यक्ष कमलसिंह कोर्राम और अन्य साथियों के नेतृत्व में रैली निकाली। रैली के बाद अनुविभागीय अधिकारी यशवंत नाग को ज्ञापन सौंपा गया। इस रैली में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, राजस्व पटवारी संघ और पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारियों सहित फेडरेशन की महिला उपाध्यक्ष रेशमा गोड्ढे भी शामिल हुईं।
कर्मचारी भवन निर्माण के लिए सहयोग की घोषणा
रैली से पूर्व धरना स्थल पर आयोजित उद्बोधन सत्र में कर्मचारी भवन निर्माण के लिए बीरा राजबाबू द्वारा 5 हजार रुपये, कतलाम द्वारा 2 हजार रुपये, रेशमा द्वारा 1500 रुपये और माधव द्वारा 1 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की गई।
11 सूत्रीय प्रमुख मांगें
संघ की 11 सूत्रीय मांगों में केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत, डीए एरियर्स का जीपीएफ खाते में समायोजन, सेवानिवृत्ति पर 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण, संविदा, दैनिक वेतन भोगी और अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण व सेवा सुरक्षा, चार स्तरीय वेतनमान, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करना, शिक्षक/लिपिक सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगति दूर करने वाली समिति की रिपोर्ट लागू करना, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर शिक्षक एल.बी. संवर्ग को लाभ देना, उत्तर प्रदेश की भांति कैशलैस चिकित्सा सुविधा व बोनस, अनुकंपा नियुक्ति की 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करना और सेवा निवृत्ति आयु 65 वर्ष करना शामिल है। यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जा सकती है।