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Chhattisgarh: तेंदूपत्ता नीति के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भैरमगढ़ में धरना देकर निकाली रैली
Thu, 17 Apr 2025 07:03 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 17 Apr 2025 07:03 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आज तेंदूपत्ता नीति के विरोध में कांग्रेस ने एक धरना प्रदर्शन किया। जहां जिले के विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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कांग्रेस का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आज भैरमगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने प्रदेश के तेंदूपत्ता नीति के विरोध और जिले के विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर विशाल रैली निकाली। मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी भैरमगढ़ को ज्ञापन सौंपा है।
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धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत तेंदूपत्ता नीति के कारण पामेड़, कुटरू और भैरमगढ़ क्षेत्र सहित जिले के अनेक गांवो में निवास करने वाले गरीब आदिवासियों को तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2025 में तेंदूपत्ता तोड़ने नहीं दिया जा रहा है।
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भाजपा सरकार क्यों नहीं चाहती कि बीजापुर जैसे पिछड़े क्षेत्र का गरीब आदिवासी आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने परिवार का पालन पोषण करें, भाजपा सरकार की नीतियों से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा सरकार गरीब और आदिवासी विरोधी है। इसलिए भाजपा सरकार हमेशा आदिवासी विरोधी नीतियां बनाती है। ताकि आदिवासी हमेशा आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब होता रहे।
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सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के समय बीजापुर जैसे आदिवासी जिले में साप्ताहिक बाजारों और 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद करने का काम किया था। वहीं कांग्रेस की सरकार ने उस्परी जैसे गांवों में साप्ताहिक बाजार खोला, जिले में बंद पड़े सरकारी स्कूलों को दोबारा खोलने का काम किया है। लेकिन भाजपा सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद फिर से उस्परी जैसे गांवों के साप्ताहिक बाजारों को बंद कर दिया गया और आदिवासी क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के दौरान खोले गए।
बंद स्कूलों को भाजपा सरकार द्वारा फिर से बंद कराया जा रहा है, भाजपा सरकार के ये ऐसे कार्य है जो भाजपा सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों को उजागर करने के लिए पर्याप्त है। विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र “मोदी की गारंटी” का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2023 के विधान सभा चुनावों के दौरान कहा था कि सरकार बनने के बाद हर तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र में तेंदूपत्ता हितग्राहियों को तेंदूपत्ता का नगद भुगतान किया जाएगा।
हर एक हितग्राही को चरण पादुका और तेंदूपत्ता का बोनस 4500 रुपये प्रति मानक बोरा हितग्राहियों को दिया जाएगा। लेकिन तेंदूपत्ता सीजन 2024 का बोनस 4500 रुपये आज पर्यन्त तक किसी भी हितग्राही को नहीं दिया गया और न ही मोदी की गारंटी के तहत हितग्राहियों को चरण पादुका दिया जा रहा है। भाजपा सरकार अपने 2023 के चुनावी घोषणा पत्र मोदी की गारंटी को पूरा करने में पूरी तरह फेल हो गई है। सभा को दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से प्रदेश और बस्तर संभाग का आदिवासी परेशान और पीड़ित है और अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी भैरमगढ़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2025 में प्रति सौ गड्डी पर 700 रुपये दिये जाने, तेंदूपत्ता संग्राहकों को भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र “मोदी की गारंटी” के तहत तेंदूपत्ता फड़ों में ही नगद भुगतान करने, ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से तेंदूपत्ता की खरीदी करने, वन अभ्यारण्य क्षेत्रों में सरकारी समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण करने, जिन गांवों में तेंदूपत्ता फड़ नहीं है। उन गांवों में नए तेंदूपत्ता फड़ खोलने, तेंदूपत्ता फड़ मुंशियों के मानदेय में वृद्धि करते हुए भाजपा के अपने चुनावी घोषणा पत्र मोदी की गारंटी के तहत प्रतिवर्ष 25000 प्रति फड़ मुंशियों को दिए जाने, बीजापुर जिले के पंचायतों में रोजगार नहीं मिलने के कारण जिले के ग्रामीण काम की तलाश में अन्य राज्यों को पलायन कर रहे हैं। इसलिए ग्रामीणों की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों को ग्राम पंचायतों में ही रोजगार उपलब्ध कराये। ताकि ग्रामीणों के पलायन को रोका जा सके।