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Bijapur: 40 दिन बाद पकड़े गए हत्या में शामिल आरोपी, 10 अगस्त को कन्हाईगुडा जंगल में हुई थी हत्या
Fri, 20 Sep 2024 03:53 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर (छत्तीसगढ़)
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 20 Sep 2024 03:53 PM IST
सार
बीजापुर में पुलिस ने चालीस दिनों के बाद कन्हाईगुडा के जंगल हुई युवती की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में सफल रही। दरअसल बीते 10 अगस्त को बीजापुर नगर से लगे कन्हाई गुड़ा मार्ग पर शिविरपारा में एक युवती का शव मिलने से नगर में सनसनी फ़ैल गई थी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीजापुर में पुलिस ने चालीस दिनों के बाद कन्हाईगुडा के जंगल हुई युवती की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में सफल रही। दरअसल बीते 10 अगस्त को बीजापुर नगर से लगे कन्हाई गुड़ा मार्ग पर शिविरपारा में एक युवती का शव मिलने से नगर में सनसनी फ़ैल गई थी। चालीस दिनों के बाद अंततः पुलिस ने हत्या में शामिल तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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बीते 10 अगस्त को बीजापुर के शिविरपारा में रहने वाली युवती सरस्वती कड़ियामि उम्र 30 का शव मिलने से सनसनी फ़ैल गई थी। कयास लगाए जा रहे थे कि घटना में यौन शौषण कर हत्या कर दी गई है। पुलिस को शुरुवाती जांच में ऐसे कोई भी प्रमाण नहीं मिले। जिससे यौन शौषण जैसी कोई वारदात हो। मृतिका के मोबाइल नंबर के जांच में भी ऐसा कुछ नही मिल रहा था कि पुलिस को हत्या के कारणों का पता लगाने में आसानी हो।
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सर्व आदिवासी समाज, हल्बा समाज सहित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों ने घटना को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया जा रहा था। बस्तर सांसद महेश कश्यप व विधायक ने मामले के खुलासे में लेट लतीफी के लिए कई बार जवाब तलब किया गया। मामले को लेकर बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव की सीधी निगरानी में दो एएसपी, डीएसपी समेत 2 निरीक्षक और 8 सब इंस्पेक्टर सहित 15 जवान जांच की टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर सेल ने 500 से ज्यादा मोबाइल फोन कॉल का बारीकी से परीक्षण और पूछताछ किया गया तथा आरोपियों के मोबाइल लोकेशन, समय आदि को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी गई। वारदात के दौरान उसी इलाके में जंगली मसरूम तलाश करती महिलाओं से पूछताछ से हुए खुलासे से पुलिस द्वारा संदेहियों से पूछताछ हत्या का खुलासा हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों हत्यारे उसके मंगल साय मांझी, नंदू मांझी, सुखनाथ मांझी रिश्तेदार हैं तथा युवती द्वारा शादी से मना करने और अपमानित करने को लेकर नाराज चल रहे थे। हत्या वाले दिन सगवाही गांव में चल रहे रोपाई में जुटे परिजनों को खाना पहुंचाने निकली युवती को अकेला पाकर उसे धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दिया। और साक्ष्य छुपाने के लिए नाले के पास औंधे लटका कर फांसी का रूप दिया गया था। घटना में प्रयुक्त चाकू और कपड़े जो जंगल में छिपाए गए थे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस की टीम में एसपी जितेंद्र यादव, एएसपी वैभव बैंकर, एएसपी चंद्रकांत गवर्रना, के मार्ग दर्शन में डीएसपी तुलसीराम लेकाम के नेतृत्व में थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा, निरीक्षक वीरेंद्र श्रीवास्तव, मुकेश पटेल, शिव कुमार खूंटे, रिजवान अहमद, प्रमिला नागे, राजेश सिंह बेरू, राजकुमार नेताम, विद्याभूषण भारद्वाज, मुकेश पटेल, विवेकानंद पटेल सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।