बीजापुर हमला : अमित शाह ने दी नक्सलियों को चेतावनी, कहा- हथियार रख दो वरना अंजाम बुरा होगा
- अमित शाह ने सीआरपीएफ के जवानों को संबोधित करते हुए नक्सलियों को कड़ी चेतावनी दी
- उन्होंने कहा कि यह लड़ाई है और इस लड़ाई को हमें अंजाम तक पहुंचाना है
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सीआरपीएफ कैंप में मौजूद जवानों को संबोधित करते हुए नक्सलियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई है और इस लड़ाई को हमें अंजाम तक पहुंचाना है। जो हथियार डालकर आना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन हाथ में अगर हथियार है तो हमारे पास भी कोई रास्ता नहीं है और इसका अंजाम बुरा होगा। कमियों को सुधारने के लिए तुरंत कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने इस दौरान कहा कि आप ने अपने कुछ साथी जरूर गवाएं हैं। आपके साथियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जिस उद्देश्य के लिए उन्होंने बलिदान दिया है, निश्चित रूप से वह उद्देश्य पूरा होगा और जीत हमारी होगी। उन्होंने कहा कि नक्सली हमले में मारे गए जवानों को मैं प्रधानमंत्री, मेरी ओर से और देश की जनता की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि देता हूं। उनके बलिदान को देश भुला नहीं सकता। उनके परिवारों के प्रति देश की सहानूभूति है।
हमारी कार्रवाई से नक्सली बौखला गए हैं: शाह
शाह ने कहा कि मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस लड़ाई को रोका नहीं जाएगा, बल्कि इसे और अधिक तीव्रता के साथ जारी रख अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इस लड़ाई में हमारी जीत सुनिश्चित है। शाह ने कहा कि विगत पांच-छह वर्षों में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के भीतर सुरक्षा बलों के शिविरों ले जाने में हमें बड़ी मात्रा में सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार ने मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश करने की गति को बढ़ाया है। इससे नक्सली बौखला गए हैं। उनकी हताशा के कारण इस प्रकार की घटनाएं सामने आती है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विकास के मोर्चे पर ढेर सारे काम हुए हैं, हालांकि कोरोना के कारण विगत एक वर्ष में गति मंद हुई है।
उन्होंने कहा कि लेकिन मै मानता हूं कि आदिवासी जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ के सांसदों की ओर से जितने भी सुझाव मिले हैं उन सभी पर कार्यवाही हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास के काम को तेज करने और नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई को तीव्रता के साथ आगे बढ़ाने तथा उसे दोनों मोर्चों पर अंजाम तक ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी लड़ाई को तार्किक अंजाम तक ले जाने के लिए भारत सरकार की प्राथमिकता पहले से ही तय की है। शाह ने कहा कि वह आज छत्तीसगढ़ और भारत की जनता को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि यह जो घटना हुई है इसके बाद इस लड़ाई को और तीव्र किया जाएगा और उसे हम निश्चित रूप से विजय में परिवर्तित करेंगे।
अमित शाह ने सीएम बघेल और अधिकारियों के साथ की बैठक
इससे पहले शाह ने जगदलपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा की। केंद्रीय गृह मंत्री शाह आज सुबह सीमा सुरक्षा बल के विशेष विमान से बस्तर जिले के जगदलपुर विमानतल पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा केंद्रीय और राज्य के बल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
शाह और बघेल विमानतल से पुलिस लाइन पहुंचे जहां उन्होंने मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में शाह का बस्तर क्षेत्र का यह पहला दौरा है। बस्तर क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री हेलीकॉप्टर से बीजापुर जिले के बासागुड़ा में स्थित सीआरपीएफ के शिविर भी जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि शाह बस्तर क्षेत्र का दौरा करने के बाद राजधानी रायपुर पहुंचेंगे तथा यहां घायल जवानों से मिलेंगे। बाद में वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 22 जवान मारे गए थे तथा 31 अन्य जवान घायल हुए हैं।
मृतकों में सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के सात जवान, सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन का एक जवान, डीआरजी के आठ जवान और एसटीएफ के छह जवान शामिल हैं। वहीं एक जवान अब भी लापता है। लापता जवान की तलाश की जा रही है।