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CG News: बस्तर संभाग बना डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल, तीन माह में 53% ओपीडी पंजीयन आभा लिंक से
Sun, 10 Aug 2025 03:59 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 10 Aug 2025 03:59 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभरा है। पिछले तीन महीनों में बस्तर जिले में 53% और दंतेवाड़ा में 40% ओपीडी पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से किए गए हैं।
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बस्तर संभाग बना डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभरा है। पिछले तीन महीनों में बस्तर जिले में 53% और दंतेवाड़ा में 40% ओपीडी पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से किए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर बस्तर के छह जिला चिकित्सालयों, दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में “नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल” प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण और मरीजों की स्वास्थ्य जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया गया है। आभा कियोस्क, स्कैन एंड शेयर और आभा आईडी के जरिए ऑनलाइन पंजीयन से मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिली है। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से वे देश के किसी भी हिस्से में अपना चिकित्सा इतिहास देख सकते हैं।
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मई से जुलाई 2025 के बीच जिला चिकित्सालय बस्तर में 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 32,379 आभा लिंक के जरिए थे। दंतेवाड़ा में 33,895 में से 13,729 पंजीयन डिजिटल रूप से जुड़े थे। इससे समय की बचत, पारदर्शिता और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर बस्तर के छह जिला चिकित्सालयों, दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में “नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल” प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण और मरीजों की स्वास्थ्य जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया गया है। आभा कियोस्क, स्कैन एंड शेयर और आभा आईडी के जरिए ऑनलाइन पंजीयन से मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिली है। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से वे देश के किसी भी हिस्से में अपना चिकित्सा इतिहास देख सकते हैं।
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मई से जुलाई 2025 के बीच जिला चिकित्सालय बस्तर में 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 32,379 आभा लिंक के जरिए थे। दंतेवाड़ा में 33,895 में से 13,729 पंजीयन डिजिटल रूप से जुड़े थे। इससे समय की बचत, पारदर्शिता और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।