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Balodabazar violence: कांग्रेस की CBI जांच की मांग पर भड़के भाजपा अध्यक्ष, बोले- अब किस मुहं से कर रही मांग
Wed, 19 Jun 2024 08:32 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 19 Jun 2024 08:32 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बलौदाबाजार आगजनी मामले की सीबीआई जांच की मांग करने वाली कांग्रेस पर करारा कटाक्ष किया है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बलौदाबाजार आगजनी मामले की सीबीआई जांच की मांग करने वाली कांग्रेस पर करारा कटाक्ष किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अपने शासनकाल में तमाम संघीय ढांचे को तहस-नहस करने पर आमादा भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में सीबीआई को प्रतिबंधित किया था, तो अब किस मुंह से कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है?
उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस सरकार के शासनकाल में रक्षाबंधन के दिन बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार की दरिंदगी का काला अध्याय लिखा गया हो, शिक्षक दिवस के दिन एक आदिवासी शिक्षिका को सामूहिक दुष्कर्म की यंत्रणा से गुजरना पड़ा हो, 'लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ' की जुमलेबाजी करने वाली प्रियंका वाड्रा की प्रदेश की राजधानी में मौजूदगी के बावजूद राजधानी के जयस्तभ चौक के पास पुलिस दफ्तर की नाक के नीचे एक युवती की अस्मिता को दरिंदों ने सामूहिक बलात्कार करके लहूलुहान किया हो, राजधानी में गंडासा के जोर पर एक युवती को आतंकित कर घुमाया गया हो, और जिससे भूपेश सरकार का महिला और आदिवासी विरोधी चरित्र लगातार बेनकाब होता रहा हो, उस कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार को तो शर्म से गड़ जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेसियों के मगर शर्म फिर भी नहीं आ रही है और अब जातीय विद्वेष फैलाने के षड्यंत्र में अपनी भूमिका पर उठती जाँच की आँच से बेचैन कांग्रेसी कानून-व्यवस्था के नाम पर मगरमच्छ के आँसू बहाकर प्रदेश को भरमाने में लगे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि इन मामलों की गूंज विधानसभा तक में रही लेकिन इसके बाद भी भूपेश सरकार गूंगी-बहरी-अंधी बनी बैठी रही। कांग्रेसियों को यह कदापि नहीं भूलना चाहिए कि भूपेश सरकार के राज में लगातार अपराधों का ग्राफ बढ़ता ही गया था। लूट, चोरी, डकैती, नकबजनी, खुलेआम हत्या, छेड़खानी, बलात्कार जैसे संगीन अपराधों की वजह से लोग तब हर कदम पर स्वयं को असुक्षित महूसस कर रहे थे। तब पुलिस अपराधियों के सामने घुटने टेकती नजर आ रही थी, वहीं सार्वजनिक मंचों और विधानसभा में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री हमर बेटी हमर अभियान के जुमले उछालते फिर रहे थे। देव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पुलिस पर बलात्कार के मामलें में कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाकर आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण भी दिया जाता रहा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मसले को लेकर फिजूल की सियासी नौटंकियों और अनर्गल प्रलाप के बजाय कांग्रेस बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए रचनात्मक भूमिका का निर्वहन करे।
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उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस सरकार के शासनकाल में रक्षाबंधन के दिन बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार की दरिंदगी का काला अध्याय लिखा गया हो, शिक्षक दिवस के दिन एक आदिवासी शिक्षिका को सामूहिक दुष्कर्म की यंत्रणा से गुजरना पड़ा हो, 'लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ' की जुमलेबाजी करने वाली प्रियंका वाड्रा की प्रदेश की राजधानी में मौजूदगी के बावजूद राजधानी के जयस्तभ चौक के पास पुलिस दफ्तर की नाक के नीचे एक युवती की अस्मिता को दरिंदों ने सामूहिक बलात्कार करके लहूलुहान किया हो, राजधानी में गंडासा के जोर पर एक युवती को आतंकित कर घुमाया गया हो, और जिससे भूपेश सरकार का महिला और आदिवासी विरोधी चरित्र लगातार बेनकाब होता रहा हो, उस कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार को तो शर्म से गड़ जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेसियों के मगर शर्म फिर भी नहीं आ रही है और अब जातीय विद्वेष फैलाने के षड्यंत्र में अपनी भूमिका पर उठती जाँच की आँच से बेचैन कांग्रेसी कानून-व्यवस्था के नाम पर मगरमच्छ के आँसू बहाकर प्रदेश को भरमाने में लगे हैं।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि इन मामलों की गूंज विधानसभा तक में रही लेकिन इसके बाद भी भूपेश सरकार गूंगी-बहरी-अंधी बनी बैठी रही। कांग्रेसियों को यह कदापि नहीं भूलना चाहिए कि भूपेश सरकार के राज में लगातार अपराधों का ग्राफ बढ़ता ही गया था। लूट, चोरी, डकैती, नकबजनी, खुलेआम हत्या, छेड़खानी, बलात्कार जैसे संगीन अपराधों की वजह से लोग तब हर कदम पर स्वयं को असुक्षित महूसस कर रहे थे। तब पुलिस अपराधियों के सामने घुटने टेकती नजर आ रही थी, वहीं सार्वजनिक मंचों और विधानसभा में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री हमर बेटी हमर अभियान के जुमले उछालते फिर रहे थे। देव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पुलिस पर बलात्कार के मामलें में कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाकर आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण भी दिया जाता रहा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मसले को लेकर फिजूल की सियासी नौटंकियों और अनर्गल प्रलाप के बजाय कांग्रेस बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए रचनात्मक भूमिका का निर्वहन करे।
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