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Balod: बालोद में बनाई गई भगवान गणेश की सबसे ज्यादा मूर्तियां, जानिए मंदिर कपिलेश्वर की कहानी

Sun, 08 Sep 2024 01:00 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़ Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 08 Sep 2024 01:00 PM IST
सार

गणेशोत्सव की धूम बालोद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है पर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भगवान गणेश की 4 प्राचीन प्रतिमाएं लोगों को विशेष आकर्षित करती है यहां का इतिहास ग्यारहवीं सदी से लेकर तेरहवीं सदी तक जुड़ा हुआ है। 

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Most idols of Lord Ganesha are made in Balod know story of Kapileshwar Temple in Balod
भगवान गणेश की मूर्तियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गणेशोत्सव की धूम बालोद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है पर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भगवान गणेश की 4 प्राचीन प्रतिमाएं लोगों को विशेष आकर्षित करती है यहां का इतिहास ग्यारहवीं सदी से लेकर तेरहवीं सदी तक जुड़ा हुआ है यहां के मंदिर समूहों में मुख्य पट पर सभी जगह भगवान गणेश की प्रतिमा बनी हुई है आइए जानते हैं जिले के इस कपिलेश्वर मंदिर के बारे में यह मंदिर आस्था के अटूट विश्वास का प्रतीक है तो प्राचीन धरोहर की परिचायक भी।

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कपिलेश्वर मंदिर के परिसर में भगवान गणेश की एक विशाल और प्राचीन प्रतिमा स्थित है, जिसकी ऊंचाई 6 फीट है। यह प्रतिमा न केवल अपनी विशालता से, बल्कि अपने अद्वितीय शिल्पकला से भी प्रभावित करती है। मंदिर के मुख्य शिवलिंग के दाएं और बाएं ओर भी गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो नागवंशी गोड़ राजाओं के कला प्रेम और धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं।
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एक गर्भ गृह के अंदर तीन बाहर
पुरातत्व विभाग के केयरटेकर विकास साहू ने बताया कि इस मंदिर में भगवान गणेश की एक प्रतिमा गर्भग्री में है और तीन प्रतिमाएं बाहर हैं और दो ऐसी प्रतिमाएं हैं जो मंदिर के दोनों तरफ बराबर प्रहरी के रूप में बना हुआ है और उसके अंदर भगवान शिव का मंदिर है भगवान गणेश की विशालता महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्राचीन समय में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य के शासन भगवान शिव का प्रहरी भी बताया गया है क्योंकि यह मंदिर भगवान शिव का है और इसमें बराबर भगवान गणेश को स्थान दिया गया है।
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प्रथम पूज्य गणेश
11वीं सदी में जब गोंड राजाओं का शासन था तब उनके द्वारा इन मंदिरों की स्थापना की बात की जाती है परंतु उसे समय भगवान गणेश की महत्व सबसे ज्यादा थी बालोद जिले में सबसे ज्यादा भगवान गणेश की प्राचीन मूर्तियां पाई जाती है कपिलेश्वर मंदिर समूह में जिस तरह भगवान गणेश की प्राचीन प्रतिमाएं हैं उसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है की सबसे पहले मंदिर जाने के पूर्व पथ पर लगे भगवान गणेश की पूजा होती है जिसके बाद भक्तों को अंदर जाकर पूजा करनी होती है।


गणेशोत्सत्व के दौरान होती है विशेष पूजा
गणेशोत्सव के दौरान यहां पर विशेष पूजा अर्चना होती है लोग दूर दूर से यहां आते हैं बल्कि सभी धार्मिक त्योहारों में यहां भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है यह कपिलेश्वर मंदिर पुरातत्व विभाग द्वारा सर्रक्षित है और यहां विशेष देखभाल इन मूर्तियों की करी जाती है।

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