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Chhattisgarh Election 2023: बालोद में योजनाओं के भरोसे कांग्रेस; भाजपा लगा सकती है नए चेहरों पर दांव
Thu, 15 Jun 2023 07:00 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Jun 2023 07:00 PM IST
सार
बालोद जिले को 2013 से पहले भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता था. लेकिन बाद में तीनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली गईं। खास बात यह है कि उस बार भी प्रदेश में भाजपा ने ही सरकार बनाई थी। इसके बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सकी।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो : Social Media
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विस्तार
छत्तीसगढ़ का बालोद जिला राजनीतिक तौर पर कांग्रेस और भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां पर विधानसभा की तीन सीटें संजारी बालोद, डौंडीलोहारा और गुण्डरदेही हैं। पिछले दो चुनाव यानी 2013 से इन सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। यानी जब भाजपा की सरकार थी, तब भी। ऐसे में इस बार जहां कांग्रेस अपनी योजनाओं के भरोसे हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा नए चेहरों पर दांव लगा सकती है।
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बालोद जिले को 2013 से पहले भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता था. लेकिन बाद में तीनों सीटें कांग्रेस के खाते में चली गईं। खास बात यह है कि उस बार भी प्रदेश में भाजपा ने ही सरकार बनाई थी। इसके बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सकी। इसके पीछे प्रदेश नेतृत्व की अनदेखी की बात कही जाती है। हालांकि चर्चा इस बात की भी है कि भाजपा नए चेहरों पर दांव लगा सकती है। वहीं कांग्रेस अपने जीते चेहरों पर फिर भरोसा करेगी।
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पर लोकसभा में भाजपा का निभाया साथ
संजारी बालोद सीट से संगीता सिन्हा, डौंडीलोहारा से अनिला भेंडिया और गुण्डरदेही से कुंवर सिंह निषाद विधायक हैं। तीनों ही कांग्रेस नेता हैं। अनिला भेंडिया तो राज्य सरकार में मंत्री भी हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव में जनता ने वोट भाजपा को ही दिया। अभी मोहन मंडावी यहां से सांसद हैं। कांकेर लोकसभा सीट के अंदर आने वाली बालोद जिले में 2019 में भाजपा प्रत्याशी मोहन मंडावी को सबसे ज्यादा वोट इन्हीं तीनों विधानसभा क्षेत्रों से मिले हैं।
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हमारे पास गिनाने के लिए बहुत कुछ
कांग्रेस नेता चंद्रेश हिरवानी कहते हैं कि, आने वाले चुनाव में हमारे पास मुद्दे ही मुद्दे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में जो काम हुए हैं, उन्हें लेकर जनता के बीच जाएंगे। किसानों का कर्ज माफी का मामला हो, गौठान के माध्यम से गोधन न्याय योजना जिससे किसान खुशहाल हो रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आत्मानंद स्कूल जैसे विषय हैं। सरकार की इतनी योजनाएं हैं जो हमारे लिए मील का पत्थर साबित होंगी। कार्यकर्ता हमारा सबसे बड़ा धन है और बूथ स्तर तक मजबूत बनने हम मेरा बूथ मेरा अभिमान अभियान भी चला चुके हैं।
केंद्र की नीतियों से लेकर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था
वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता दुर्गानंद साहू ने कहा कि भले ही दो बार से तीनों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है, लेकिन अब जनता भाजपा की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। हम आने वाले चुनाव में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों, योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएंगे। कोरोना काल, उज्वला योजना हर जगह बेहतर काम हुआ। इसके आलावा राज्य की बिखरती कानून व्यवस्था, जुआ सट्टा अवैध शराब, रेत उत्खनन, जैसे कई मुद्दे हैं जिन्हे लेकर हम जनता के बीच जाएंगे।