छत्तीसगढ़ में बंद होगी आयुष्मान भारत योजना, राज्य सरकार ला रही नई स्कीम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना आयुष्मान भारत को छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बंद करने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर छत्तीसगढ़ सरकार यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम शुरू करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस मामले में कहा कि आयुष्मान भारत योजना एक बीमा योजना है जिसमें आउटपुट कम और खर्च ज्यादा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी स्वास्थ्य योजना बनाई जा रही है जो आयुष्मान बारत की तुलना में कम खर्च में तैयार होगी और इसमें जांच, इलाज व दवा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। उसके साथ ही राज्य में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में कार्ड की बाध्यता को खत्म करने की भी तैयारी की जा रही है।
बता दें कि आयुष्मान भारत योजना में गरीबों का पांच लाख और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में सामान्य वर्ग के मरीजों का 50 हजार रुपये तक का इलाज होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के बीजापुर से किया था। दिल्ली, ओडिशा व तेलंगाना राज्यों ने इस योजना को स्वीकार नहीं किया है, जिस कारण इन राज्यों को केंद्र से मिलने वाली राशि नहीं मिल रही है। छत्तीसगढ़ में भी योजना बंद करने से केंद्र से मिलने वाली 60 फीसद राशि बंद हो जाएगी। सिंहदेव ने कहा कि आयुष्मान के बदले केंद्र सरकार से सीएचसी व पीएचसी को मजबूत करने हेतु अन्य मदों में राशि मांगी जाएगी।
सिंहदेव ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। इस दायरे में प्रदेश की पांच से आठ फीसद जनसंख्या ही आ पाती है। इस योजना में प्रदेश के 42 लाख परिवारों का 1100 रुपये प्रति परिवार के आधार पर बीमा कराया गया है। इसमें 660 रुपये केंद्र और 440 रुपये राज्य सरकार देती है। सिंहदेव ने बताया कि आयुष्मान भारत के लिए राज्य को करीब 180 करोड़ रुपये देने पड़ते हैं। इतनी राशि में प्रदेश की 80 फीसदी आबादी को निशुल्क दवा और इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम की सफलता के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति भी की जाएगी।