नक्सलियों का खात्मा करेगा 'दंतेश्वरी लड़ाकू दस्ता', पूर्व महिला नक्सली भी हैं शामिल
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छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 30 महिला सदस्यों वाला नक्सल विरोधी लड़ाकू दस्ता (एंटी नक्सल कमांडो यूनिट) बनाया गया है । इस दस्ते का नाम दंतेश्वरी लड़ाकू दस्ता रखा गया है। इनकी तैनाती नक्सल प्रभावित जिले बस्तर और दंतेवाड़ा में की जाएगी। इस यूनिट में ऐसी 10 महिलाएं शामिल हैं जो पहले नक्सली थीं और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था।
बस्तर के आईजी विवेकानंद सिन्हा ने दंतेश्वरी लड़ाकू दस्तेेे को लेकर कहा कि यह महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण है। उन्होंने कहा, 'महिला पुलिस कमांडो अपने पुरुष समकक्षों के साथ बराबरी पर हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि वह अच्छा काम करेंगी ।'
Chhattisgarh, Bastar IG, Vivekananda Sinha on 'Danteshwari Ladake': Women police commandos are at par with their men counterparts. I am confident they will they do a good job. It is a unique example of women empowerment. #Chhattisgarh pic.twitter.com/SLKEOTVUxB
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 13, 2019
बता दें कि पुलिस ने पहली बार नक्सल विरोधी फ्रंटलाइन फोर्स जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) में महिला कमांडो को जगह दी है। जिसके कारण अब राज्य में महिला कमांडो दस्ता नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगातााा नजर आएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये महिला कमांडो पिछले एक महीने में तीन नक्सल कमांडरों को ढेर करने वाली सुरक्षा बलों की ‘शार्ट एक्शन टीमों’ का हिस्सा थीं।
देवी दंतेश्वरी के नाम पर ‘दंतेश्वरी लड़ाके’ नाम से गठित यह विशेष दस्ता राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में जिला रिजर्व गार्ड में शामिल किया गया है। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव के मुताबिक, यह डीआरजी महिला कमांडो की अपनी तरह की पहली प्लाटून है। इन महिला कमांडो के दल को शामिल करने के साथ ही डीआरजी दंतेवाड़ा में अब कुल 6 प्लाटून हो गई हैं।
इस महिला प्लाटून के गठन में अहम भूमिका निभाने वाले पल्लव के मुताबिक, इससे पहले बस्तर में भी राज्य पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों में महिला सैनिकों को अभियान में शामिल किया गया है, लेकिन वहां उनकी भूमिका सीमित रखी गई थी। यह पहली बार है कि पूरी तरह महिला कमांडो की टीम अशांत क्षेत्रों में पुरुष डीआरजी सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अभियान का संचालन करने के लिए गठित की गई है।
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