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पिता की गोद में 'सिस्टम' का शव: 5 साल के बच्चे की मौत, एंबुलेंस नहीं मिली तो बाइक पर ले गया घर

Tue, 04 Oct 2022 11:30 AM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 04 Oct 2022 11:30 AM IST
सार

कोरबा में सांप काटने से बच्चे की मौत हो गई थी। परिजन घंटों एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन एक खराब होने और दूसरी के शहर से बाहर होने का हवाला देकर नहीं भेजी गई। 
 

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ambulance not found after child death, father took dead body on bike in his lap in chhattisgarh korba
एंबुलेंस नहीं मिली तो बाइक पर ले गया शव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में 5 साल के एक बच्चे की सांप के काटने से मौत हो गई। अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, लेकिन उसे ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस तक नहीं मिली। घंटों इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पिता ने गोद में बच्चे का शव उठाया और बाइक पर लेकर निकले। हालांकि लोगों की मदद से प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम किया गया। इसके बाद बच्चे का शव उसके गांव तक पहुंच सका। मामला जिला अस्पताल का है। 
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जानकारी के मुताबिक, रुद्रनगर, खरमोरा निवासी राजेश कुमार चौरसिया मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। उसके दो बेटियां और एक बेटा भूषण (5) था। भूषण DAV स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ता था। परिजनों ने बताया कि भूषण सोमवार सुबह अपने दोस्तों के साथ घर के पास ही खेल रहा था। इसी दौरान उसे सांप ने डस लिया। भूषण को इसका पता ही नहीं चला। इसके बाद वह घर आ गया। घर में कुछ देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे लेकिन जिला अस्पताल पहुंचे। 
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दो मुक्तांजिल वाहन, उनमें भी एक खराब
अस्पताल में डॉक्टरों ने भूषण को मृत घोषित कर दिया। साथ ही बताया कि उसे सांप ने काटा था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से जिला अस्पताल चौकी को मेमो भेज कर बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया। फिर शव भिजवाने के लिए मुक्तांजलि वाहन के चालक को कॉल किया। वहां से बताया गया कि वाहन खराब है और उसे रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। जबकि दूसरा वाहन कटघोरा क्षेत्र से मंगाया था, जो जिले से बाहर शव छोड़ने के लिए गया है। उसे 4-5 घंटे लग सकते हें। 
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अस्पताल प्रबंधन ने कहा-अब एनजीओ की मदद से देंगे
काफी इंतजार के बाद भी जब मुक्तांजलि वाहन नहीं मिला तो परिजनों ने शव को गोदी में उठाया और बाइक से लेकर घर के लिए रवाना हुए। इस दौरान मीडिया के लोगों ने देखा तो उन्हें रुकवाया। इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस कर घर के लिए रवाना किया। मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने कहा कि मुक्तांजलि वाहन मिलने में देर हुई। आगे से इसका प्रयास रहेगा कि व्यवस्था नहीं होने पर किसी एनजीओ या अन्य किसी की मदद से एंबुलेंस को सुविधा के लिए उपलब्ध कराया जाए। 
 
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