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बलरामपुर: ब्लैकबोर्ड पर चॉक थाम शिक्षिका बनीं कलेक्टर, बच्चों को दिया टॉपर और अफसर बनने का मंत्र
Tue, 13 Oct 2026 09:45 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 09:45 PM IST
सार
जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज में उस समय एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब जिले की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी औचक निरीक्षण के लिए पहुंची।
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स्कूल में औचक निरीक्षण करते बलरामपुर कलेक्टर
विस्तार
बलरामपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज में उस समय एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब जिले की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी औचक निरीक्षण के लिए पहुंची। प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच कलेक्टर अचानक एक शिक्षिका की भूमिका में नजर आईं और कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे रूबरू हुईं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं (वाणिज्य, कला व जीवविज्ञान) के कमरों में जाकर शैक्षणिक गुणवत्ता और पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
ब्लैकबोर्ड पर लिखा वानस्पतिक नाम, ग्लोब से समझाया भूगोल
कक्षा 11वीं जीवविज्ञान की क्लास में कलेक्टर ने स्वयं चॉक उठाकर ब्लैकबोर्ड पर ‘‘मैंगिफेरा इंडिका’’ लिखा और छात्रों से सवाल पूछा। विद्यार्थियों ने भी बिना झिझक तुरंत जवाब दिया कि यह आम का वैज्ञानिक नाम है। बच्चों की त्वरित प्रतिक्रिया से खुश होकर उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। वहीं, कक्षा 11वीं कला संकाय में उन्होंने ग्लोब के जरिए देशों की भौगोलिक स्थिति को व्यावहारिक रूप से समझाकर भूगोल की बारीकियों से अवगत कराया।
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'टॉपर बनें, डॉक्टर-इंजीनियर और आईएएस बनकर नाम रोशन करें'
विद्यार्थियों में उत्साह भरते हुए कलेक्टर ने परीक्षा के लिए समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और पैटर्न आधारित तैयारी के गुर सिखाए। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, लगन से पढ़ाई करें और डॉक्टर, इंजीनियर या आईएएस अधिकारी बनकर अपने माता-पिता और जिले का गौरव बढ़ाएं।
शिक्षकों और प्राचार्य को दिए कड़े निर्देश
शैक्षणिक स्तर को और मजबूत करने के लिए कलेक्टर ने प्राचार्य एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कक्षाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो और रोजाना क्लासवर्क व होमवर्क के जरिए अभ्यास कराया जाए। बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को पुराने प्रश्नपत्र हल कराएं और पाठ्यक्रम का लगातार रिवीजन कराएं। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से प्रयोगशालाओं में प्रायोगिक कार्य (प्रैक्टिकल) सुनिश्चित किए जाएं। शिक्षक सरल और रुचिकर शिक्षण विधियों का उपयोग करें, ताकि कठिन विषय भी आसानी से समझ आ सकें।
कलेक्टर ने रेखांकित किया कि शिक्षकों का समर्पण और विद्यार्थियों की मेहनत ही उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों की वास्तविक नींव है।
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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं (वाणिज्य, कला व जीवविज्ञान) के कमरों में जाकर शैक्षणिक गुणवत्ता और पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
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ब्लैकबोर्ड पर लिखा वानस्पतिक नाम, ग्लोब से समझाया भूगोल
कक्षा 11वीं जीवविज्ञान की क्लास में कलेक्टर ने स्वयं चॉक उठाकर ब्लैकबोर्ड पर ‘‘मैंगिफेरा इंडिका’’ लिखा और छात्रों से सवाल पूछा। विद्यार्थियों ने भी बिना झिझक तुरंत जवाब दिया कि यह आम का वैज्ञानिक नाम है। बच्चों की त्वरित प्रतिक्रिया से खुश होकर उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। वहीं, कक्षा 11वीं कला संकाय में उन्होंने ग्लोब के जरिए देशों की भौगोलिक स्थिति को व्यावहारिक रूप से समझाकर भूगोल की बारीकियों से अवगत कराया।
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'टॉपर बनें, डॉक्टर-इंजीनियर और आईएएस बनकर नाम रोशन करें'
विद्यार्थियों में उत्साह भरते हुए कलेक्टर ने परीक्षा के लिए समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और पैटर्न आधारित तैयारी के गुर सिखाए। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, लगन से पढ़ाई करें और डॉक्टर, इंजीनियर या आईएएस अधिकारी बनकर अपने माता-पिता और जिले का गौरव बढ़ाएं।
शिक्षकों और प्राचार्य को दिए कड़े निर्देश
शैक्षणिक स्तर को और मजबूत करने के लिए कलेक्टर ने प्राचार्य एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कक्षाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो और रोजाना क्लासवर्क व होमवर्क के जरिए अभ्यास कराया जाए। बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को पुराने प्रश्नपत्र हल कराएं और पाठ्यक्रम का लगातार रिवीजन कराएं। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से प्रयोगशालाओं में प्रायोगिक कार्य (प्रैक्टिकल) सुनिश्चित किए जाएं। शिक्षक सरल और रुचिकर शिक्षण विधियों का उपयोग करें, ताकि कठिन विषय भी आसानी से समझ आ सकें।
कलेक्टर ने रेखांकित किया कि शिक्षकों का समर्पण और विद्यार्थियों की मेहनत ही उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों की वास्तविक नींव है।

स्कूल में औचक निरीक्षण करते बलरामपुर कलेक्टर

स्कूल में औचक निरीक्षण करते बलरामपुर कलेक्टर

स्कूल में औचक निरीक्षण करते बलरामपुर कलेक्टर