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CGPSC: अंबिकापुर के शुभम देव ने हासिल किया दूसरा स्थान, पांच से छह महीने की तैयारी में रच दिया इतिहास
Thu, 07 Sep 2023 03:19 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 07 Sep 2023 03:19 PM IST
सार
सीजी पीएससी में टॉपर बनने के लिए शुभम ने मात्र पांच से छह माह की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि यूपीएससी के एग्जाम के बाद थोड़ा टाइम था, तो थोड़ी तैयारी की पीएससी की परीक्षा दी और अच्छा रैंक मिल गया।
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शुभव देव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ पीएससी द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में अंबिकापुर के शुभम देव ने दूसरा स्थान हासिल किया है। उनके बड़े भाई राहुल देव 2016 बैच के आईएएस और भाभी भावना गुप्ता आईपीएस अधिकारी हैं। शुभम गुप्ता चार बार यूपीएससी क्वालीफाई कर चुके हैं। वर्ष 2021 के यूपीएससी में वे इंटरव्यू तक पहुंचे थे, हालांकि कुछ अंकों के अंतर से चूक गए। शुभम गुप्ता ने कहा कि उनका ध्येय यूपीएससी है, लेकिन वे डिप्टी कलेक्टर का पद ज्वाइन करेंगे। वे फिलहाल दिल्ली में रहकर यूपीएससी मेंस की तैयारी कर रहे हैं।
अंबिकापुर के निवासी शुभम गुप्ता ने बुधवार देर शाम जारी सीजी पीएससी 2022 की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान बनाया है। शुभम मुंगेली कलेक्टर राहुल देव (2016 बैच आईएएस) के भाई छोटे भाई हैं। शुभम की भाभी भावना गुप्ता आपीएस हैं और बेमेतरा की एसपी हैं। आईआईटी कानपुर से बीटेक शुभभ गुप्ता ने चार बार यूपीएससी की परीक्षा भी क्वालीफाई की है। यूपीएससी 2021 में वे यूपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंच गए थे। वर्ष 2023 यूपीएससी में उन्होंने प्री क्वालीफाई कर लिया है और मेंस की तैयारी कर रहे हैं। सीजी पीएससी में में टॉपर बनने के लिए शुभम ने मात्र पांच से छह माह की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि यूपीएससी के एग्जाम के बाद थोड़ा टाइम था, तो थोड़ी तैयारी की पीएससी की परीक्षा दी और अच्छा रैंक मिल गया।
शुभम गुप्ता ने सीजीपीएससी की सफलता पर खुशी जाहित करते हुए कहा कि लक्ष्य तो यूपीएससी है। 2017 में बीटेक के बाद से ही वे यूपीएससी की की तैयारी में जुट गए थे। यूपीएएससी में 2018-2019 के पहले दो प्रयास में तो प्रीलिम्स भी नहीं निकला, लेकिन 2020 में प्री, मेंस और फिर उसके बाद 2021 में इंटरव्यू तक पहुंचे। इंटरव्यू के बाद फाइनल सेलेक्शन नहीं हो पाया। उसके बाद फिर 2022 में उन्होंने मेंस लिखा, अब फिर 15 सितंबर 2023 से मेंस का एग्जाम है।
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शुभम ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। लगातार प्रयास व नाकामी से सीखते हुए सफलता तक पहुंचा जा सकता है। प्रयास में समर्पण और निष्ठा बेहद जरूरी है। आपको अपने लक्ष्य का पीछा करना होता है और कामयाबी उसी के बूते ही मिल पाती है। शुभम न तो फेसबुक पर हैं और ना ही व्हाट्सएप ही चलाते हैं। फोन का उपयोग वे सिर्फ बात करने के लिए करते हैं।
शुभम अपने बड़े भाई राहुल देव व भाभी भावना गुप्ता से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि उनसे टिप्स भी मिलती है। शुभम के पिता देवकुमार गुप्ता सरगुजा के लुंड्रा में बीईओ एवं माता आशा गुप्ता शिक्षिका हैं। दोनों भाइयों को पढ़ने की प्रेरणा अपने माता-पिता से ही मिली। दोनों की प्राथमिक एवं हायर सेकेंडरी की शिक्षा अंबिकापुर से ही हुई। वे मेधावी छात्र रहे हैं।
ज्वाइन करेंगे डिप्टी कलेक्टर की नौकरी
शुभम गुप्ता ने कहा कि हालांकि यूपीएससी लक्ष्य है, लेकिन वे छत्तीसगढ़ में बतौर अधिकारी काम करना पसंद करेंगे। छत्तीसगढ़ में काफी संभावनाएं हैं। यह अच्छा प्रदेश है और तेजी से विकास कर रहा है। छत्तीसगढ़ के विकास में अपना योगदान देकर खुशी मिलेगी। यूपीएससी में भी मौका मिला तो वे छत्तीसगढ़ ही आना पसंद करेंगे।
बहन व भाई ने एक साथ बनाया मेरिट सूची में स्थान
सीजी पीएससी के घोषित परीक्षा परिणाम में अंबिकापुर के अग्रसेन वार्ड के निवासी भाई बहन ने एक साथ बाजी मारी है। ऋचा बसंल ने 10 वां रैंक एवं भाई श्रवण बंसल ने 18 वां रैंक हासिल किया है। इस सफलता से पूरे परिवार में हर्ष का माहौल है।
चार साल से तैयरी कर रही हैं ऋचा बसंल
ऋचा बसंल ने कहा कि वे पिछले तीन से चार साल से सीजीपीएससी की तैयारी कर रही हैं। एक बार पहले भी वे पीएससी क्वालीफाई कर चुकी हैं, लेकिन अच्छा रैंक नहीं मिला था तो इंटरव्यू तक नहीं पहुंची। पिछली असफलता से सबक लिया और लगातार प्रयास करती रही। पिछली गलतियों को सुधारा और फिर यह सफलता मिली।
असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी का पोस्ट मिल सकता है।
18वां रैंक पाने वाले श्रवण बसंल ने कहा कि इस बार उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी का पोस्ट मिल सकता है। श्रवण बसंल ने बताया कि कॉलेज के बाद से ही वे पीएससी की तैयारी में जुटे हुए थे। इसके पहले पीएससी में उन्हें 108 वां रैंक मिला था और कॉपरेटिव इंस्पेक्टर का पद मिला था। उन्होंने कहा कि प्री के बाद मेंस की तैयारी ठीक से किया जाएगा तो सफलता मिल सकती है। करेंट अफेयर्स व पुराने पेपर का रिविजन करने पर बहुत सारे प्रश्न ठीक तरीके से बनाया जा सकता है।
अंबिकापुर के अमन सिंह ने सीजीपीएससी में 9 वां रैक हासिल किया है। अमन सिंह ने बताया कि उन्हें एक्साईज ऑफिसर की पोस्ट मिलने की संभावना है। अमन सिंह बिलासपुर में रहकर सीजी पीएससी की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है।
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अंबिकापुर के निवासी शुभम गुप्ता ने बुधवार देर शाम जारी सीजी पीएससी 2022 की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान बनाया है। शुभम मुंगेली कलेक्टर राहुल देव (2016 बैच आईएएस) के भाई छोटे भाई हैं। शुभम की भाभी भावना गुप्ता आपीएस हैं और बेमेतरा की एसपी हैं। आईआईटी कानपुर से बीटेक शुभभ गुप्ता ने चार बार यूपीएससी की परीक्षा भी क्वालीफाई की है। यूपीएससी 2021 में वे यूपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंच गए थे। वर्ष 2023 यूपीएससी में उन्होंने प्री क्वालीफाई कर लिया है और मेंस की तैयारी कर रहे हैं। सीजी पीएससी में में टॉपर बनने के लिए शुभम ने मात्र पांच से छह माह की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि यूपीएससी के एग्जाम के बाद थोड़ा टाइम था, तो थोड़ी तैयारी की पीएससी की परीक्षा दी और अच्छा रैंक मिल गया।
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शुभम गुप्ता ने सीजीपीएससी की सफलता पर खुशी जाहित करते हुए कहा कि लक्ष्य तो यूपीएससी है। 2017 में बीटेक के बाद से ही वे यूपीएससी की की तैयारी में जुट गए थे। यूपीएएससी में 2018-2019 के पहले दो प्रयास में तो प्रीलिम्स भी नहीं निकला, लेकिन 2020 में प्री, मेंस और फिर उसके बाद 2021 में इंटरव्यू तक पहुंचे। इंटरव्यू के बाद फाइनल सेलेक्शन नहीं हो पाया। उसके बाद फिर 2022 में उन्होंने मेंस लिखा, अब फिर 15 सितंबर 2023 से मेंस का एग्जाम है।
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शुभम ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। लगातार प्रयास व नाकामी से सीखते हुए सफलता तक पहुंचा जा सकता है। प्रयास में समर्पण और निष्ठा बेहद जरूरी है। आपको अपने लक्ष्य का पीछा करना होता है और कामयाबी उसी के बूते ही मिल पाती है। शुभम न तो फेसबुक पर हैं और ना ही व्हाट्सएप ही चलाते हैं। फोन का उपयोग वे सिर्फ बात करने के लिए करते हैं।
शुभम अपने बड़े भाई राहुल देव व भाभी भावना गुप्ता से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि उनसे टिप्स भी मिलती है। शुभम के पिता देवकुमार गुप्ता सरगुजा के लुंड्रा में बीईओ एवं माता आशा गुप्ता शिक्षिका हैं। दोनों भाइयों को पढ़ने की प्रेरणा अपने माता-पिता से ही मिली। दोनों की प्राथमिक एवं हायर सेकेंडरी की शिक्षा अंबिकापुर से ही हुई। वे मेधावी छात्र रहे हैं।
ज्वाइन करेंगे डिप्टी कलेक्टर की नौकरी
शुभम गुप्ता ने कहा कि हालांकि यूपीएससी लक्ष्य है, लेकिन वे छत्तीसगढ़ में बतौर अधिकारी काम करना पसंद करेंगे। छत्तीसगढ़ में काफी संभावनाएं हैं। यह अच्छा प्रदेश है और तेजी से विकास कर रहा है। छत्तीसगढ़ के विकास में अपना योगदान देकर खुशी मिलेगी। यूपीएससी में भी मौका मिला तो वे छत्तीसगढ़ ही आना पसंद करेंगे।
बहन व भाई ने एक साथ बनाया मेरिट सूची में स्थान
सीजी पीएससी के घोषित परीक्षा परिणाम में अंबिकापुर के अग्रसेन वार्ड के निवासी भाई बहन ने एक साथ बाजी मारी है। ऋचा बसंल ने 10 वां रैंक एवं भाई श्रवण बंसल ने 18 वां रैंक हासिल किया है। इस सफलता से पूरे परिवार में हर्ष का माहौल है।
चार साल से तैयरी कर रही हैं ऋचा बसंल
ऋचा बसंल ने कहा कि वे पिछले तीन से चार साल से सीजीपीएससी की तैयारी कर रही हैं। एक बार पहले भी वे पीएससी क्वालीफाई कर चुकी हैं, लेकिन अच्छा रैंक नहीं मिला था तो इंटरव्यू तक नहीं पहुंची। पिछली असफलता से सबक लिया और लगातार प्रयास करती रही। पिछली गलतियों को सुधारा और फिर यह सफलता मिली।
असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी का पोस्ट मिल सकता है।
18वां रैंक पाने वाले श्रवण बसंल ने कहा कि इस बार उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी का पोस्ट मिल सकता है। श्रवण बसंल ने बताया कि कॉलेज के बाद से ही वे पीएससी की तैयारी में जुटे हुए थे। इसके पहले पीएससी में उन्हें 108 वां रैंक मिला था और कॉपरेटिव इंस्पेक्टर का पद मिला था। उन्होंने कहा कि प्री के बाद मेंस की तैयारी ठीक से किया जाएगा तो सफलता मिल सकती है। करेंट अफेयर्स व पुराने पेपर का रिविजन करने पर बहुत सारे प्रश्न ठीक तरीके से बनाया जा सकता है।
अंबिकापुर के अमन सिंह ने सीजीपीएससी में 9 वां रैक हासिल किया है। अमन सिंह ने बताया कि उन्हें एक्साईज ऑफिसर की पोस्ट मिलने की संभावना है। अमन सिंह बिलासपुर में रहकर सीजी पीएससी की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है।