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समाजसेवी बेला भाटिया को धमकी- 24 घंटे में बस्तर छोड़ो वर्ना घर जला देंगे
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 24 Jan 2017 02:15 PM IST
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आदिवासी महिलाओं के हक में आवाज उठाने वाली समाजसेवी बेला भाटिया को सोमवार को करीब 30 गुडें इनके घर में घुस आए और उन्हें बस्तर छोड़ने की धमकी दी। धमकी देने आए लोगों ने कहा कि 24 घंटे के बस्तर छोड़ दो वर्ना जिस घर में किराए पर रहती है उसे जिंदा जला दिया जाएगा। इतना ही नहीं, गुंडों ने बेला भाटिया और उनकी मकान-मालकिन से जबर्दस्ती एक कागज पर दस्तख्त भी कराए जिस पर लिखा था कि बेला भाटिया एक दिन में यह घर छोड़ देंगी।
इंडियन एक्सप्रेस की खहर के मुताबिक, यह धमकी बेला भाटिया के मानवाधिकार आयोग के साथ पंडरीपानी गांव में जाने के दो दिन बाद आई है जहां अक्टूबर 2015 और जनवरी 2016 में सुरक्षाबलों पर आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार करने का आरोप है। बेला भाटिया, मानवाधिकार आयोग के साथ वहां आदिवासी महिलाओं का बयान दर्ज कराने गईं थीं, यही बात कुछ लोगों को नागंवार गुजरी।
दो सप्ताह पहले, मानवाधिकार आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में पाया कि सुरक्षा बलों ने 16 आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया, साथ ही आयोग ने सरकार ने इस मामले में रिपोर्ट भी मांगी है।
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बता दें कि बेला भाटिया ही वह समाजसेवी थी, जिन्होंने नवंबर 2015 में बस्तर के बीजापुर गांव में पहुंच कर सुरक्षाबलों द्वार आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार किए जाने का मामला उठाया था। भाटिया ने इस मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज करवाई और मामले को लोगों के संज्ञान में लाईं।
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इंडियन एक्सप्रेस की खहर के मुताबिक, यह धमकी बेला भाटिया के मानवाधिकार आयोग के साथ पंडरीपानी गांव में जाने के दो दिन बाद आई है जहां अक्टूबर 2015 और जनवरी 2016 में सुरक्षाबलों पर आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार करने का आरोप है। बेला भाटिया, मानवाधिकार आयोग के साथ वहां आदिवासी महिलाओं का बयान दर्ज कराने गईं थीं, यही बात कुछ लोगों को नागंवार गुजरी।
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दो सप्ताह पहले, मानवाधिकार आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में पाया कि सुरक्षा बलों ने 16 आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया, साथ ही आयोग ने सरकार ने इस मामले में रिपोर्ट भी मांगी है।
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बता दें कि बेला भाटिया ही वह समाजसेवी थी, जिन्होंने नवंबर 2015 में बस्तर के बीजापुर गांव में पहुंच कर सुरक्षाबलों द्वार आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार किए जाने का मामला उठाया था। भाटिया ने इस मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज करवाई और मामले को लोगों के संज्ञान में लाईं।
पुलिस के मुताबिक विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे धमकी देने आए लोग
बेला भाटिया बस्तर जिले के पारपा गांव में किराए पर रहती हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के मुताबिक धमकी देने आए लोग पंडरीपानी गांव के रहने वाले थे और ये लोग 'विरोध प्रदर्शन' कर रहे थे जोकि पुलिस को देखते ही वहां से चले गए। पुलिस ने कहा कि हमने बेला भाटिया की सुरक्षा को देखते हुए 15 पुलिस वालों की सुरक्षा टीम तैनात की है।
बेला भाटिया ने संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि 30 लोगों का एक झुंड जबरन मेरे घर में घुस आया। ये लोग मोटर साइकिल और एसयूवी से आए थे। इन लोगों ने मुझे तुरंत घर छोड़ जाने को कहा और ऐसा न करने पर घर जलाने की धमकी दी।
भाटिया ने बताया कि बीते एक सप्ताह में मेरे मकानमालिक और उनके बेटे को कई बहानों से पुलिस स्टेशन बुलाया जाता रहा है, और उन लोगों ने मुझसे पहले ही बोल दिया कि मुझे घर छोड़कर जाना पड़ेगा। साथ ही गांव वालों के बीच मेरे खिलाफ गलत माहौल बनाने की भी बहुतरे कोशिश की गई है।
बेला भाटिया ने संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि 30 लोगों का एक झुंड जबरन मेरे घर में घुस आया। ये लोग मोटर साइकिल और एसयूवी से आए थे। इन लोगों ने मुझे तुरंत घर छोड़ जाने को कहा और ऐसा न करने पर घर जलाने की धमकी दी।
भाटिया ने बताया कि बीते एक सप्ताह में मेरे मकानमालिक और उनके बेटे को कई बहानों से पुलिस स्टेशन बुलाया जाता रहा है, और उन लोगों ने मुझसे पहले ही बोल दिया कि मुझे घर छोड़कर जाना पड़ेगा। साथ ही गांव वालों के बीच मेरे खिलाफ गलत माहौल बनाने की भी बहुतरे कोशिश की गई है।