{"_id":"6aa2815183bd25337c022bff","slug":"a-roof-collapsed-directly-above-the-tehsildar-s-chair-burying-his-desk-and-computer-a-major-tragedy-was-aver-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीजी: तहसीलदार की कुर्सी के ठीक ऊपर भरभराकर गिरी छत, टेबल-कंप्यूटर मलबे में दबे; रात होने से टला बड़ा हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीजी: तहसीलदार की कुर्सी के ठीक ऊपर भरभराकर गिरी छत, टेबल-कंप्यूटर मलबे में दबे; रात होने से टला बड़ा हादसा
Thu, 10 Sep 2026 04:03 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 10 Sep 2026 04:03 PM IST
सार
पाटन तहसील कार्यालय में बुधवार रात छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि भारी प्लास्टर ठीक तहसीलदार की कुर्सी के ऊपर गिरा और टेबल, कंप्यूटर समेत जरूरी सरकारी सामान मलबे में दब गया।
विज्ञापन
पाटन तहसील कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दुर्ग-भिलाई जिले के पाटन तहसील कार्यालय में बुधवार रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक कार्यालय की छत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। प्लास्टर का भारी टुकड़ा सीधे तहसीलदार की कुर्सी के ठीक ऊपर गिरने से टेबल, कंप्यूटर और अन्य जरूरी सरकारी उपकरण मलबे की चपेट में आ गए। गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, उस समय कार्यालय खाली था। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
बृहस्पतिवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो तहसीलदार की टेबल और कुर्सी के आसपास छत का मलबा और टूटा हुआ प्लास्टर बिखरा पड़ा था। मलबे में टेबल, कंप्यूटर समेत अन्य सरकारी सामान दबा हुआ था। कर्मचारियों ने मलबा हटाकर सामान बाहर निकाला। प्रारंभिक तौर पर कई उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। हालांकि, सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा रहा है।
दिन में गिरती छत तो हो सकता था बड़ा हादसा
जिस स्थान पर छत का प्लास्टर गिरा है, वहां सामान्य दिनों में लगातार प्रशासनिक कामकाज चलता है। तहसीलदार इसी जगह बैठकर आम लोगों की शिकायतें सुनने के साथ राजस्व मामलों की सुनवाई और अन्य शासकीय कार्य करते हैं। तहसीलदार के अलावा रीडर और बाबू भी इसी स्थान पर बैठते हैं। वहीं जमीन, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र समेत विभिन्न कार्यों के लिए रोज बड़ी संख्या में लोग तहसील कार्यालय पहुंचते हैं।
विज्ञापन
ऐसे में अगर छत का हिस्सा कामकाजी घंटों के दौरान गिरता, तो कर्मचारियों के साथ आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
पुराने भवन की हालत पर उठे सवाल
घटना के बाद पाटन तहसील कार्यालय के पुराने भवन के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्षों पुराने इस भवन में नियमित रूप से शासकीय कामकाज संचालित हो रहा है, लेकिन भवन की छत और दीवारों की मजबूती को लेकर समय पर तकनीकी जांच और आवश्यक रखरखाव हुआ या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद अब यह जरूरी हो गया है कि भवन की तकनीकी स्थिति की जांच कराकर कमजोर हिस्सों की मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो तहसीलदार की टेबल और कुर्सी के आसपास छत का मलबा और टूटा हुआ प्लास्टर बिखरा पड़ा था। मलबे में टेबल, कंप्यूटर समेत अन्य सरकारी सामान दबा हुआ था। कर्मचारियों ने मलबा हटाकर सामान बाहर निकाला। प्रारंभिक तौर पर कई उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। हालांकि, सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा रहा है।
विज्ञापन
दिन में गिरती छत तो हो सकता था बड़ा हादसा
जिस स्थान पर छत का प्लास्टर गिरा है, वहां सामान्य दिनों में लगातार प्रशासनिक कामकाज चलता है। तहसीलदार इसी जगह बैठकर आम लोगों की शिकायतें सुनने के साथ राजस्व मामलों की सुनवाई और अन्य शासकीय कार्य करते हैं। तहसीलदार के अलावा रीडर और बाबू भी इसी स्थान पर बैठते हैं। वहीं जमीन, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र समेत विभिन्न कार्यों के लिए रोज बड़ी संख्या में लोग तहसील कार्यालय पहुंचते हैं।
विज्ञापन
ऐसे में अगर छत का हिस्सा कामकाजी घंटों के दौरान गिरता, तो कर्मचारियों के साथ आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
पुराने भवन की हालत पर उठे सवाल
घटना के बाद पाटन तहसील कार्यालय के पुराने भवन के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्षों पुराने इस भवन में नियमित रूप से शासकीय कामकाज संचालित हो रहा है, लेकिन भवन की छत और दीवारों की मजबूती को लेकर समय पर तकनीकी जांच और आवश्यक रखरखाव हुआ या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद अब यह जरूरी हो गया है कि भवन की तकनीकी स्थिति की जांच कराकर कमजोर हिस्सों की मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।