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छत्तीसगढ़: पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर 82.63 लाख लेने का आरोप, महिला के खिलाफ सरकंडा थाने में केस दर्ज
Sun, 27 Sep 2026 05:51 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 27 Sep 2026 05:51 PM IST
सार
राष्ट्रीय पार्टी में पद दिलाने का दावा कर एक युवक से 82.63 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। रकम ऑनलाइन और नकद दी गई थी। पद नहीं मिलने और पैसे वापस मांगने पर कथित धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 82 लाख 63 हजार 194 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने मनेंद्रगढ़ निवासी महिला पर पार्टी फंड के नाम पर यह भारी-भरकम राशि ऐंठने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी महिला ने खुद को राष्ट्रीय स्तर के संगठन का कार्यकर्ता बताकर और बड़े नेताओं से नजदीकी संबंधों का हवाला देकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया से हुई थी पहचान
पीड़ित चेतन आनंद दुबे ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पीड़ित वर्तमान समय में बेरोजगार है, लेकिन इससे पहले वह एक व्यावसायिक फर्म में निजी सलाहकार के तौर पर कार्य करता था। पिछले वर्ष फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान खोंगापानी, मनेंद्रगढ़ की रहने वाली निखत परवीन साबरी नाम की महिला से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत में महिला ने खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रमुख कार्यकर्ता बताया था। उसने पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ सीधे संपर्क और अपनी मजबूत पकड़ होने का दावा किया था।
जमीन विवाद में मदद से बढ़ा विश्वास
पीड़ित के अनुसार, गतौरी में उसकी जमीन से जुड़ा एक विवाद चल रहा था। उसने इस जमीन विवाद की पूरी जानकारी निखत को दी। इसके बाद महिला ने प्रशासनिक स्तर पर पटवारी और राजस्व निरीक्षक से संबंधित काम कराने में पीड़ित की मदद की। इस काम के हो जाने के कारण पीड़ित का महिला पर भरोसा अत्यधिक बढ़ गया। इसी बढ़ते विश्वास का फायदा उठाकर निखत ने पीड़ित युवक को पार्टी में एक पद दिलाने का प्रस्ताव दिया। उसने पीड़ित से कहा कि इस पद को प्राप्त करने के लिए पार्टी फंड में निर्धारित रकम जमा करानी होगी।
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खातों में रकम और नकद का लेनदेन
आरोपी महिला ने प्रक्रिया के नाम पर पहले वाट्सऐप पर पीड़ित की शैक्षणिक डिग्री मंगवाई। इसके बाद उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर देकर उसमें रकम जमा करने को कहा। 11 जुलाई, 2025 से पीड़ित ने रकम जमा करना शुरू किया। इसके बाद अगस्त से हर महीने लगभग 49,000 रुपये सहित अलग-अलग समय पर रकम जमा कराई जाती रही। आरोपी महिला हर बार पार्टी में काम आगे बढ़ने और नेताओं से बातचीत चलने की बात कहकर भरोसा दिलाती रही। कुछ रकम निखत की बहन सायना परवीन साबरी के खाते में भी जमा कराई गई। पीड़ित के मुताबिक 17 अगस्त, 2026 तक ऑनलाइन के जरिये कुल 62,63,194 रुपये जमा कराए गए, जबकि अलग-अलग समय में 20,00,000 रुपये नकद दिए गए।
पद न मिलने पर दी गई धमकी
लाखों रुपये देने के बाद भी पीड़ित को पार्टी में कोई पद नहीं मिला और न ही रकम की कोई रसीद दी गई। इस पर पीड़ित ने महिला से पैसे वापस करने या पद दिलाने की समय-सीमा पूछी। इसके बाद आरोपी महिला ने पैसे लौटाने से साफ इन्कार कर दिया और बातचीत बंद कर दी। आरोप है कि बार-बार फोन करने पर महिला ने पीड़ित को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सोशल मीडिया से हुई थी पहचान
पीड़ित चेतन आनंद दुबे ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पीड़ित वर्तमान समय में बेरोजगार है, लेकिन इससे पहले वह एक व्यावसायिक फर्म में निजी सलाहकार के तौर पर कार्य करता था। पिछले वर्ष फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान खोंगापानी, मनेंद्रगढ़ की रहने वाली निखत परवीन साबरी नाम की महिला से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत में महिला ने खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रमुख कार्यकर्ता बताया था। उसने पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ सीधे संपर्क और अपनी मजबूत पकड़ होने का दावा किया था।
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जमीन विवाद में मदद से बढ़ा विश्वास
पीड़ित के अनुसार, गतौरी में उसकी जमीन से जुड़ा एक विवाद चल रहा था। उसने इस जमीन विवाद की पूरी जानकारी निखत को दी। इसके बाद महिला ने प्रशासनिक स्तर पर पटवारी और राजस्व निरीक्षक से संबंधित काम कराने में पीड़ित की मदद की। इस काम के हो जाने के कारण पीड़ित का महिला पर भरोसा अत्यधिक बढ़ गया। इसी बढ़ते विश्वास का फायदा उठाकर निखत ने पीड़ित युवक को पार्टी में एक पद दिलाने का प्रस्ताव दिया। उसने पीड़ित से कहा कि इस पद को प्राप्त करने के लिए पार्टी फंड में निर्धारित रकम जमा करानी होगी।
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खातों में रकम और नकद का लेनदेन
आरोपी महिला ने प्रक्रिया के नाम पर पहले वाट्सऐप पर पीड़ित की शैक्षणिक डिग्री मंगवाई। इसके बाद उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर देकर उसमें रकम जमा करने को कहा। 11 जुलाई, 2025 से पीड़ित ने रकम जमा करना शुरू किया। इसके बाद अगस्त से हर महीने लगभग 49,000 रुपये सहित अलग-अलग समय पर रकम जमा कराई जाती रही। आरोपी महिला हर बार पार्टी में काम आगे बढ़ने और नेताओं से बातचीत चलने की बात कहकर भरोसा दिलाती रही। कुछ रकम निखत की बहन सायना परवीन साबरी के खाते में भी जमा कराई गई। पीड़ित के मुताबिक 17 अगस्त, 2026 तक ऑनलाइन के जरिये कुल 62,63,194 रुपये जमा कराए गए, जबकि अलग-अलग समय में 20,00,000 रुपये नकद दिए गए।
पद न मिलने पर दी गई धमकी
लाखों रुपये देने के बाद भी पीड़ित को पार्टी में कोई पद नहीं मिला और न ही रकम की कोई रसीद दी गई। इस पर पीड़ित ने महिला से पैसे वापस करने या पद दिलाने की समय-सीमा पूछी। इसके बाद आरोपी महिला ने पैसे लौटाने से साफ इन्कार कर दिया और बातचीत बंद कर दी। आरोप है कि बार-बार फोन करने पर महिला ने पीड़ित को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।