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पैसे के लिए अपने ही अपहरण की योजना बनाई, गिरफ्तार
Chhattisgarh
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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बिलासपुर/डेस्क। अपने ही अपहरण की योजना बनाकर पिता से फिरौती में तीन लाख की मांग करने वाला छात्र पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जिसके खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है। आईपीएल मैच में खेले गये सट्टे में लाखों रूपये हारने वाले छात्र शाश्वत ओझा ने रूपये की भरपाई के लिये उसने कर्ज लिया जब कर्ज देने वाले ने उससे पैसे की मांग की तो वह अपने ही अपहरण की कहानी बना पिता से पैसा लेना चाहा पर सफल नहीं हुआ।
प्रियदर्शिनी नगर निवासी राजेन्द्र ओझा की तिफरा में केमिकल फैक्ट्री है। उसका पुत्र शाश्वत सीएमडी महाविद्यालय में पढ़ता है। कल रात वह आठ बजे घर से निकला और इधर-उधर घूमता रहा फिर एक गैरज में बाइक रखकर शिवम मोटर रायपुर रोड के पास पहुंचा और अपने मोबाइल से पिता को मैसेज किया कि उसका अपहरण हो गया है। फिर थोड़ी देर बाद दूसरा मैसेज भेजा जिसमें फिरौती में तीन लाख रूपये की मांग की गई।
रूपये नहीं मिलने पर शाश्वत को मार डालने की धमकी दी गई। इससे राजेन्द्र ओझा काफी घबरा गये व सिविल लाईन पहुंच कर टीआई श्री त्रिपाठी को सारी बात बतायी। जिसके बाद पुलिस ने योजना बनाकर बेग में रूपये, पानी का बाटल, कागज आदि भरकर बताये गये स्थान पर रख दिया।
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वहां पर पुलिस के जवान सादी वर्दी में छुपकर बैठ गये और बैग पर नजर रखने लगे। रात दो बजे एक युवक बैग लेने पहुंचा जिसे पुलिस वालों ने दौड़कर पकड़ लिया। जब राजेन्द्र ओझा के साथ पुलिस वालों ने युवक का चेहरा देखा तो अवाक रह गये वह कोई और नहीं बल्कि शाश्वत ही था। थाने लाने के बाद शाश्वत से कड़ाई से पूछा गया तो उसने बताया क्रिकेट मैच में सट्टा लगाकर वह काफी रकम गंवा चुका था। इस कारण उस पर कर्ज हो गया था जिसको चुकाने के लिये उसने ऐसी योजना बनायी। सिविल लाइन पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की।
उद्योगपति पिता का बिगड़ैल बेटा सट्टे के कारण डूबा कर्ज में अपने ही जाल में फंस गया
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प्रियदर्शिनी नगर निवासी राजेन्द्र ओझा की तिफरा में केमिकल फैक्ट्री है। उसका पुत्र शाश्वत सीएमडी महाविद्यालय में पढ़ता है। कल रात वह आठ बजे घर से निकला और इधर-उधर घूमता रहा फिर एक गैरज में बाइक रखकर शिवम मोटर रायपुर रोड के पास पहुंचा और अपने मोबाइल से पिता को मैसेज किया कि उसका अपहरण हो गया है। फिर थोड़ी देर बाद दूसरा मैसेज भेजा जिसमें फिरौती में तीन लाख रूपये की मांग की गई।
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रूपये नहीं मिलने पर शाश्वत को मार डालने की धमकी दी गई। इससे राजेन्द्र ओझा काफी घबरा गये व सिविल लाईन पहुंच कर टीआई श्री त्रिपाठी को सारी बात बतायी। जिसके बाद पुलिस ने योजना बनाकर बेग में रूपये, पानी का बाटल, कागज आदि भरकर बताये गये स्थान पर रख दिया।
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वहां पर पुलिस के जवान सादी वर्दी में छुपकर बैठ गये और बैग पर नजर रखने लगे। रात दो बजे एक युवक बैग लेने पहुंचा जिसे पुलिस वालों ने दौड़कर पकड़ लिया। जब राजेन्द्र ओझा के साथ पुलिस वालों ने युवक का चेहरा देखा तो अवाक रह गये वह कोई और नहीं बल्कि शाश्वत ही था। थाने लाने के बाद शाश्वत से कड़ाई से पूछा गया तो उसने बताया क्रिकेट मैच में सट्टा लगाकर वह काफी रकम गंवा चुका था। इस कारण उस पर कर्ज हो गया था जिसको चुकाने के लिये उसने ऐसी योजना बनायी। सिविल लाइन पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की।
उद्योगपति पिता का बिगड़ैल बेटा सट्टे के कारण डूबा कर्ज में अपने ही जाल में फंस गया