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छत्तीसगढ़: 2022 में सड़क हादसे में 5834 लोगों की मौत, बिना हेलमेट के 70% दो पहिया वाहन चालकों ने गंवाई जान
Sun, 07 May 2023 08:07 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sun, 07 May 2023 08:07 PM IST
सार
शहर में लगातार सड़क हादसा हो रही है। हादसा मौत का कारण बन रहा है। ऐसे ही लगातार दुर्घटना को देखते हुए दिशा कॉलेज रायपुर में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
शहर में लगातार सड़क हादसा हो रही है। हादसा मौत का कारण बन रहा है। ऐसे ही लगातार दुर्घटना को देखते हुए दिशा कॉलेज रायपुर में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। रोड़ हादसे के कारण होने वाला मौत से बचने के लिए कॉलेज के छात्र छात्राओं को यातायात के नियम बताए। ऐसा आंकड़ा दर्ज किया जाता है कि भारत में लगभग प्रति वर्ष 5 लाख रोड एक्सीडेंट होता है।
दिशा कॉलेज रामनगर रायपुर में सड़क हादसे में जाने वाली जान को रोकने के लिए दिशा कॉलेज के छात्र छात्राओं को यातायात के नियम बताया गया। यातायात पुलिस ने को बताया कि दोपहिया गाड़ी चलाते समय हेलमेट लगाना जरूरी है और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना ना भूलें। उन्होंने कहा कि जान की सुरक्षा जरूरी। यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को 1 घंटे में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए भारत सरकार की ओर से गुड सेमेरिटन योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि घायल व्यक्तियों का हर संभव मदद करें।
प्रदेश में सड़क हादसे से 5834 लोगों की मौत
इस कार्यक्रम में संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ और एआईजी ट्रैफिक ने भारत में प्रति वर्ष होने वाले सड़क हादसे का आंकड़ा बताया कि भारत में लगभग प्रत्येक वर्ष 5 लाख रोड एक्सीडेंट होता है। इसमें से 1 लाख 5 हजार लोगों की मृत्यु और 4 लाख 5 हजार लोग घायल होते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष 2022 में 13279 सड़क दुर्घटना हुआ। इसमें 5834 लोगों की मौत और 11695 लोग घायल हुए थे। उक्त सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें दो पहिया वाहन चालकों की दर्ज की गई, लगभग 70% मौतें दो पहिया वाहन चालकों की हुई है , जिनमें से ज्यादातर मौतें बिना हेलमेट धारण करने के कारण हुई है। दुर्घटनाओं में लगभग 70 प्रतिशत मौतें दो पहिया वाहन चालकों की हुई है।
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इस तरह से करें जान की बचाव
इतने ज्यादा रोड एक्सीडेंट से यह स्पष्ट होता है कि सड़क दुर्घटना में काफी लोग प्रभावित होते हैं। इन्हें जन-धन की हानि होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। बिना हेलमेट चलने से ज्यादातर मौतें हो रही है। सड़क दुर्घटना को रुकने के लिए दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहने और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाए। इससे हादसा में होने वाले मौत में 45% तक कमी हो सकती है। ज्यादा संख्या में मालवाहक वाहन से हुई है। मालवाहक गाड़ियों से सफर के के लिए मना किया गया।
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दिशा कॉलेज रामनगर रायपुर में सड़क हादसे में जाने वाली जान को रोकने के लिए दिशा कॉलेज के छात्र छात्राओं को यातायात के नियम बताया गया। यातायात पुलिस ने को बताया कि दोपहिया गाड़ी चलाते समय हेलमेट लगाना जरूरी है और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना ना भूलें। उन्होंने कहा कि जान की सुरक्षा जरूरी। यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को 1 घंटे में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए भारत सरकार की ओर से गुड सेमेरिटन योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि घायल व्यक्तियों का हर संभव मदद करें।
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प्रदेश में सड़क हादसे से 5834 लोगों की मौत
इस कार्यक्रम में संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ और एआईजी ट्रैफिक ने भारत में प्रति वर्ष होने वाले सड़क हादसे का आंकड़ा बताया कि भारत में लगभग प्रत्येक वर्ष 5 लाख रोड एक्सीडेंट होता है। इसमें से 1 लाख 5 हजार लोगों की मृत्यु और 4 लाख 5 हजार लोग घायल होते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष 2022 में 13279 सड़क दुर्घटना हुआ। इसमें 5834 लोगों की मौत और 11695 लोग घायल हुए थे। उक्त सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें दो पहिया वाहन चालकों की दर्ज की गई, लगभग 70% मौतें दो पहिया वाहन चालकों की हुई है , जिनमें से ज्यादातर मौतें बिना हेलमेट धारण करने के कारण हुई है। दुर्घटनाओं में लगभग 70 प्रतिशत मौतें दो पहिया वाहन चालकों की हुई है।
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इस तरह से करें जान की बचाव
इतने ज्यादा रोड एक्सीडेंट से यह स्पष्ट होता है कि सड़क दुर्घटना में काफी लोग प्रभावित होते हैं। इन्हें जन-धन की हानि होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। बिना हेलमेट चलने से ज्यादातर मौतें हो रही है। सड़क दुर्घटना को रुकने के लिए दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहने और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाए। इससे हादसा में होने वाले मौत में 45% तक कमी हो सकती है। ज्यादा संख्या में मालवाहक वाहन से हुई है। मालवाहक गाड़ियों से सफर के के लिए मना किया गया।