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CG News: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के 479 ग्रामों का हुआ चयन
Thu, 22 May 2025 12:17 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 22 May 2025 12:17 PM IST
सार
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से छतीसगढ़ के कोरबा जिला अंतर्गत 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत् कुल 479 ग्रामों का चयन किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से छतीसगढ़ के कोरबा जिला अंतर्गत 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत् कुल 479 ग्रामों का चयन किया गया है। इसमें विकासखंड कोरबा के 122 ग्राम, विकास खण्ड कटघोरा के 28 ग्राम, विकास खण्ड करतला के 60 ग्राम, विकास खण्ड पाली के 73 एवं विकासखंड पोंड़ी उपरोड़ा के 196 ग्राम शामिल हैं। इन 479 ग्रामों के कल्याण एवं संवर्धन के लिए अजीत वसंत कलेक्टर कोरबा के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार कार्ययोजना बनाई जा रही है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा ने बताया गया कि जिले में निवासरत जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान हेतु विभिन्न विभागों द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनयादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, आंगनबाड़ी, आवास इत्यादि गैप की पहचान कर अंतराल को भरना है ताकि अभिसरण और संतृप्तिकरण के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों का समग्र और सतत् विकास सुनिश्चित किया जा सके।
इस अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर एवं कलस्टर स्तर के शिविरों के माध्यम से दीर्घकालिक एवं तात्कालिक गतिविधियों के अंतर्गत आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम- किसान सम्मान निधि, जन-धन खाता, बीमा कवरेज, सामाजिक सुरक्षा (वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन), रोजगार और आजीविका योजनाएं (एमजीएनआरईजीए, पीएम विश्वकर्मा, मुद्रा ऋण), महिला एवं बाल कल्याण (पीएमएमवीवाई, आईसीडीएस लाभ, टीकाकरण) जनजातीय परिवारों को पक्का घर, गांवों में सड़क, बिजली, पानी, मोबाईल मेडिकल यूनिट्स, आवासीय विद्यालयों व छात्रावास/आश्रमों के उन्नयन तथा कौशल विकास और रोजगार के अवसर की उपलब्धता इत्यादि गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को संतृप्तिकरण किया जाना है।
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इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु 15 जून से 30 जून 2025 तक धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन जिलें में संचालित किया जायेगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि उक्त शिविरां में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शासकीय योजनाओं का लाभ लें।
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सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा ने बताया गया कि जिले में निवासरत जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान हेतु विभिन्न विभागों द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनयादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, आंगनबाड़ी, आवास इत्यादि गैप की पहचान कर अंतराल को भरना है ताकि अभिसरण और संतृप्तिकरण के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों का समग्र और सतत् विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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इस अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर एवं कलस्टर स्तर के शिविरों के माध्यम से दीर्घकालिक एवं तात्कालिक गतिविधियों के अंतर्गत आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम- किसान सम्मान निधि, जन-धन खाता, बीमा कवरेज, सामाजिक सुरक्षा (वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन), रोजगार और आजीविका योजनाएं (एमजीएनआरईजीए, पीएम विश्वकर्मा, मुद्रा ऋण), महिला एवं बाल कल्याण (पीएमएमवीवाई, आईसीडीएस लाभ, टीकाकरण) जनजातीय परिवारों को पक्का घर, गांवों में सड़क, बिजली, पानी, मोबाईल मेडिकल यूनिट्स, आवासीय विद्यालयों व छात्रावास/आश्रमों के उन्नयन तथा कौशल विकास और रोजगार के अवसर की उपलब्धता इत्यादि गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को संतृप्तिकरण किया जाना है।
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इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु 15 जून से 30 जून 2025 तक धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन जिलें में संचालित किया जायेगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि उक्त शिविरां में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शासकीय योजनाओं का लाभ लें।