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Balrampur Ramnujganj: 3285 मरीजों का मोतियाबिंद का हुआ ऑपरेशन, बेहतर इलाज के कारण झारखंड से भी आ रहे हैं मरीज
Sat, 25 Jan 2025 05:23 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामनुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामनुजगंज
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 25 Jan 2025 05:23 PM IST
सार
बलरामपुर रामनुजगंज जिला चिकित्सालय में बीते 4 वर्षों में 3285 मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन हो चुका है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने जिले के सभी विकासखण्डों स के साथ-साथ झारखंड के भी मरीज यहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने पहुंच रहे।
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मोतियाबिंद का ऑपरेशन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बलरामपुर रामनुजगंज जिला चिकित्सालय में बीते 4 वर्षों में 3285 मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन हो चुका है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने जिले के सभी विकासखण्डों स के साथ-साथ झारखंड के भी मरीज यहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने पहुंच रहे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विवेक सिंह एवं डॉ रूद्रमणि खेश के नेतृत्व में प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार गुरुवार एवं शुक्रवार को मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है।
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गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय में करीब 4 वर्ष पूर्व नेत्र ऑपरेशन थिएटर बनाया गया जिसके बाद से ही जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विवेक सिंह के द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन करना प्रारंभ किया गया 4 वर्षों से अनवरत रूप से जिले के वाड्रफनगर, कुसमी,शंकरगढ़, राजपुर,रामानुजगंज के मरीजों के साथ-साथ झारखंड से भी पहुंचने वाले मरीजों का निशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार,बुधवार,गुरुवार एवं शुक्रवार को हो रहा है वहीं जांच प्रतिदिन किया जाता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विवेक कुमार सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद होने पर ऑपरेशन ही इसका एकमात्र इलाज है। श्री सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद होने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाम लेकर ऑपरेशन कर लेना चाहिए। मोतियाबिंद के सफल ऑपरेशन में ओटी टेक्नीशियन रामनारायण सहित एलिसबा मिंज, दीपिका नर्सिंग स्टाप आशीष कुमार, ड्रोन प्रभाव साहू, संध्या साहू,शर्मिला, अंजना बड़ा शामिल रहते हैं।
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झारखंड से पहुंच रहे हैं मरीज
जिला चिकित्सालय में जिले के विभिन्न विकासखंड से मोतियाबिंद के मरीज ऑपरेशन करने पहुंच रहे हैं जहां उनका निशुल्क ऑपरेशन हो ही रहा है झारखंड से भी बड़ी संख्या में मरीज निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन का लाभ ले रहे हैं।
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मोतियाबिंद के होने के कारण एवं सावधानी
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विवेक सिंह ने बताया कि 40 वर्ष के पश्चात हर वर्ष नेत्र जांच कराय। मोतियाबिंद से बचने के लिए डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापे से बचाव करें।आंखों को चोट इंफेक्शन से बचाए करे। अधिक समय तक बिना परामर्श के आई ड्रॉप दवा के सेवन से बचें, स्टेरॉयड दवा मोतियाबिंद को बढ़ाती है मौसमी फल, सब्जी,सलाद एवं संतुलित आहार एवं पर्याप्त नींद एवं सादिक मेहनत करें सिगरेट एवं शराब से बचे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बसंत ने बताया कि जिला चिकित्सालय में दो नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं जिनके द्वारा सप्ताह में चार दिन मोतियाबिंद का निशुल्क सफल ऑपरेशन किया जा रहा है चार वर्षो में जिले में 3285 मरीज का मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन हो चुका है।