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सुकमा: भाजपा नेता की अगुवाई में 30 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़ की घर वापसी, पढ़ें पूरी खबर
Fri, 07 Nov 2025 07:06 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 07 Nov 2025 07:06 PM IST
सार
सुकमा जिले के सौतनार गांव में भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम के नेतृत्व में करीब 30 आदिवासी परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल आदिवासी धर्म में वापसी की है। यह घटना बस्तर में चल रहे उस सामाजिक बदलाव की एक और कड़ी है।
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30 परिवारों ने छोड़ा ईसाई धर्म
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुकमा जिले के सौतनार गांव में भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम के नेतृत्व में करीब 30 आदिवासी परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल आदिवासी धर्म में वापसी की है। यह घटना बस्तर में चल रहे उस सामाजिक बदलाव की एक और कड़ी है, जहां लगातार स्थानीय लोग अपनी पुरखों की आस्था की ओर लौट रहे हैं।
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बस्तर में धर्मांतरण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा और विवाद का केंद्र रहा है। ईसाई धर्म में परिवर्तित होने और फिर दोबारा घर वापसी करने वाले परिवारों की बढ़ती संख्या यह दिखाती है कि आदिवासी समाज में आस्था और पहचान का प्रश्न आज भी बेहद गहराई से जुड़ा हुआ है।
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धर्मांतरण को लेकर बस्तर में पहले कई बार हिंसक घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। गांवों में सामाजिक तनाव और टकराव के कई मामले दर्ज हुए, लेकिन इस बार सौतनार में यह प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से, बिना किसी दबाव के, अपने पारंपरिक देवी-देवताओं और संस्कृति को दोबारा अपनाया है।
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राजनीतिक दृष्टि से भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम के नेतृत्व में हुई इस घर वापसी को पार्टी क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़ी सामाजिक पहल के रूप में पेश कर रही है। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल आस्था का नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ने का प्रयास है।