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छत्तीसगढ़: शराब बेचने वाले को 20 हजार, खरीदने वाले को 15 हजार का दंड; इस गांव का बड़ा फैसला
Sat, 10 Oct 2026 05:26 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 10 Oct 2026 05:26 PM IST
सार
जिले के मोहरेगा गांव में ग्रामीणों ने पूर्ण शराबबंदी का फैसला लिया है। शराब बेचने पर 20 हजार, खरीदने पर 15 हजार रुपये जुर्माना और सूचना देने वाले को 11 हजार रुपये का पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धमतरी जिले के मोहरेगा गांव में ग्रामीणों ने पूर्ण शराबबंदी लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। युवाओं को नशे से दूर रखने और सामाजिक माहौल सुधारने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने एक दिन काम बंद रखकर महासभा बुलाई। ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में शराब लाना, बेचना और पीना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। शराब बेचने वाले व्यक्ति पर 20 हजार रुपये और खरीदने वाले पर 15 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है। शराब बेचने या खरीदने वाले की सूचना देकर उसे पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्ति को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह जुर्माने की राशि ग्राम विकास समिति को देनी होगी।
शराबबंदी के कड़े नियम
ग्रामसभा ने केवल शराबबंदी ही नहीं, बल्कि कई अन्य सामाजिक अनुशासन से जुड़े कड़े फैसले भी किए। गांव के दुकानदारों द्वारा 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की नशीली सामग्री बेचने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा खुले डिस्पोजल और पानी के पाउच की बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। गांव की गलियों तथा सार्वजनिक स्थानों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाने, अमर्यादित शब्दों के प्रयोग और गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई व जुर्माना लगाने की व्यवस्था की गई है। होली, दिवाली, रामायण और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक पर्वों व आयोजनों के दौरान नशा करके उपद्रव करने वाले लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
निगरानी समिति का गठन
इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने और गांव को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने एक विशेष निगरानी समिति का गठन किया है। बैठक में मौजूद करेली चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे ने ग्रामीणों की इस सामाजिक पहल की सराहना की। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की समझाइश दी और शराब बेचने वालों के विरुद्ध लागू कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों ने बैठक में कहा कि गांव में बढ़ती नशाखोरी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है, इसलिए सामूहिक निगरानी से ही इस बुराई पर रोक लगाई जा सकती है।
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प्रशासन को दी जानकारी
इस महत्वपूर्ण फैसले को लागू कराने और सामाजिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए गांव के लोग धमतरी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे तथा प्रशासनिक अधिकारियों को अपने नशा उन्मूलन की जानकारी दी। महासभा में ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गणपत पटेल, सचिव राजकुमार पटेल, सरपंच प्रीति भूपेंद्र ध्रुव, उपसरपंच कुलाश यादव और विभिन्न पंचों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं तथा ग्रामीणों ने सहभागिता की। मोहरेगा के ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह सामूहिक संकल्प अब क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव की एक नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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शराबबंदी के कड़े नियम
ग्रामसभा ने केवल शराबबंदी ही नहीं, बल्कि कई अन्य सामाजिक अनुशासन से जुड़े कड़े फैसले भी किए। गांव के दुकानदारों द्वारा 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की नशीली सामग्री बेचने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा खुले डिस्पोजल और पानी के पाउच की बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। गांव की गलियों तथा सार्वजनिक स्थानों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाने, अमर्यादित शब्दों के प्रयोग और गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई व जुर्माना लगाने की व्यवस्था की गई है। होली, दिवाली, रामायण और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक पर्वों व आयोजनों के दौरान नशा करके उपद्रव करने वाले लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
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निगरानी समिति का गठन
इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने और गांव को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने एक विशेष निगरानी समिति का गठन किया है। बैठक में मौजूद करेली चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे ने ग्रामीणों की इस सामाजिक पहल की सराहना की। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की समझाइश दी और शराब बेचने वालों के विरुद्ध लागू कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों ने बैठक में कहा कि गांव में बढ़ती नशाखोरी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है, इसलिए सामूहिक निगरानी से ही इस बुराई पर रोक लगाई जा सकती है।
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प्रशासन को दी जानकारी
इस महत्वपूर्ण फैसले को लागू कराने और सामाजिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए गांव के लोग धमतरी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे तथा प्रशासनिक अधिकारियों को अपने नशा उन्मूलन की जानकारी दी। महासभा में ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गणपत पटेल, सचिव राजकुमार पटेल, सरपंच प्रीति भूपेंद्र ध्रुव, उपसरपंच कुलाश यादव और विभिन्न पंचों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं तथा ग्रामीणों ने सहभागिता की। मोहरेगा के ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह सामूहिक संकल्प अब क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव की एक नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।