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इस महिला ने खुद के 45 लाख खर्च कर बुझाई पूरे गांव की प्यास

Mon, 26 Sep 2016 10:11 PM IST
नरेंद्र कुंडू/अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
नरेंद्र कुंडू/अमर उजाला, जींद(हरियाणा) Updated Mon, 26 Sep 2016 10:11 PM IST
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salute to 65 years old lady ompati, who invest 45 millions for pipeline from branch canal to village
जींद की महिला ओमपति - फोटो : अमर उजाला
मिलिए एक ऐसी महिला से, जिसने खुद के 45 लाख रुपये खर्च करके पूरे गांव की प्यास बुझाई। हैरान हो गए न जानकर, लेकिन ये सच है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की 104 वर्षीय कुंवरबाई अपनी बकरियां बेचकर गांव में शौचालय बनवाने के लिए चर्चा में हैं तो जींद के गोहाना रोड पर स्थित लुदाना गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्धा ओमपति उनसे भी एक कदम आगे हैं।
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ओमपति ने अपनी पूंजी से 40 से 45 लाख रुपये खर्च कर गांव की प्यास बुझा मिसाल पेश की है। जींद जिले के लुदाना गांव में भूमिगत पानी खराब होने के कारण गांव में पानी की भारी किल्लत थी। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के क्षेत्र का रुख करना पड़ता था। गांव की 65 वर्षीय ओमपति से गांव वालों की ये दिक्कत देखी नहीं गई। ओमपति ने अपने खर्च से सुंदर ब्रांच नहर की सिवाना माल हेड से गांव तक पाइप लाइन दबवाई।
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लगभग 10 किलोमीटर लंबी इस पाइप लाइन पर ओमपति के 40 से 45 लाख रुपये खर्च हुए। ओमपति ने खुद ही घर-घर तक पानी का कनेक्शन भी दिया। प्रत्येक घर तक पानी का कनेक्शन होने के बाद गांव से पानी की किल्लत दूर हो गई। पास के गांव मालश्रीखेड़ा, भंभेवा व मोरखी गांव से होकर गुजर रही पाइप लाइन पर भी कई जगह हैंडपंप लगवाए गए हैं, ताकि राहगीर भी इनसे प्यास बुझा सकें।
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हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए गांव को 24 ब्लॉक में बांटा
छह हजार की आबादी वाले इस गांव में प्रत्येक घर को पीने के लिए पानी मिल सके इसके लिए गांव को 24 ब्लॉक में बांटा गया है। प्रत्येक ब्लॉक को 20 से 25 मिनट तक पानी की सप्लाई की जाती है। पानी की बर्बादी नहीं हो इसके लिए सीमित समय तक ही पानी की सप्लाई की जाती है।

पेयजल सप्लाई की देखरेख के लिए दो युवकों को दिया रोजगार
गांव में पेयजल की सप्लाई सुचारु रूप से हो सके इसके लिए ओमपति ने गांव के ही दो युवकों को जिम्मेदारी दी है। यह दोनों युवक गांव में पेयजल की सप्लाई की देखरेख करते हैं। इससे गांव के दो युवकों को रोजगार मिला है।


भरापूरा है ओमपति का परिवार
समाजसेवी ओमपति के परिवार में राजकुमार, अनिल और शमशेर नाम के तीन बेटे हैं। तीनों बेटे शादीशुदा हैं। इसके अलावा ओमपति के पांच पौत्री और तीन पौत्र भी हैं। ओमपति के पति बलबीर सिंह का देहांत हो चुका है।
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