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साधारण किसान के घर में जन्मी बेटी खेलेगी साई की नेशनल टीम में
कृष्ण सिवाच/अमर उजाला, लाखनमाजरा(रोहतक)
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:04 AM IST
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नेशनल हॉकी टीम के लिए चुनी गई किसान की बेटी रेनू
- फोटो : फाइल फोटो
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साधारण किसान के घर में जन्मी बेटी अब साई की नेशनल हॉकी टीम में दमखम दिखाएगी। हाल ही में उड़ीसा में लगे ट्रायल शिविर में उनका चयन नेशनल टीम में हुआ है।
साई की ओर से पटियाला में नेशनल खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगने वाला है। इसमें खरैंटी की बेटी हॉकी के खेल में और सुधार लाने के लिए पसीना बहाएगी। रेनू ने हॉकी का ककहरा लाखनमाजरा के स्टेडियम में सीखा और अब वह इतिहास रचने को तैयार है।
गांव के सरकारी स्कूल में दसवीं तक पढ़ी नरेश की बेटी रेनू ने गरीबी को खेल के आडे़ नहीं आने दिया। रेनू के पिता एक साधारण किसान हैं। तीन बहनें और एक भाई का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होने के बावजूद नरेश ने बेटी रेनू की रुचि को देखते हुए उसे खेलने से नहीं रोका।
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साई की ओर से पटियाला में नेशनल खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगने वाला है। इसमें खरैंटी की बेटी हॉकी के खेल में और सुधार लाने के लिए पसीना बहाएगी। रेनू ने हॉकी का ककहरा लाखनमाजरा के स्टेडियम में सीखा और अब वह इतिहास रचने को तैयार है।
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गांव के सरकारी स्कूल में दसवीं तक पढ़ी नरेश की बेटी रेनू ने गरीबी को खेल के आडे़ नहीं आने दिया। रेनू के पिता एक साधारण किसान हैं। तीन बहनें और एक भाई का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होने के बावजूद नरेश ने बेटी रेनू की रुचि को देखते हुए उसे खेलने से नहीं रोका।
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देश के लिए खेलकर ओलंपिक पदक जीतने का सपना
नेशनल हॉकी टीम के लिए चुनी गई किसान की बेटी रेनू
- फोटो : फाइल फोटो
बकौल नरेश बेटी का बचपन से ही हॉकी के प्रति रुझान था। रेनू ने बताया कि उसने स्कूल स्तर से ही हॉकी खेलनी शुरू कर दी थी। उसने लाखनमाजरा स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण लिया। यहां बेहतर खेला तो हिसार साई सेंटर में चयन हो गया।
यहां तीन साल तक प्रशिक्षण लिया और साल 2013 में सब जूनियर हाकी नेशनल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। स्कूटी खेलों में भी उसकी टीम ने नेशनल स्तर पर सोना जीता। इन उपलब्धियों के बाद उसका 2013 में भोपाल साई सेंटर में चयन हो गया।
रेनू ने बताया कि 3 से 6 सितंबर तक उड़ीसा के भुवनेश्वर में ट्रायल कैंप लगा जिसमें उनका चयन साई की नेशनल टीम के लिए हुआ है। इसका कैंप जल्द ही पटियाला में लगेगा। रेनू का सपना है कि वह देश के लिए खेलकर विश्व कप सहित ओलंपिक में देश को पदक दिलाना चाहती है।
यहां तीन साल तक प्रशिक्षण लिया और साल 2013 में सब जूनियर हाकी नेशनल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। स्कूटी खेलों में भी उसकी टीम ने नेशनल स्तर पर सोना जीता। इन उपलब्धियों के बाद उसका 2013 में भोपाल साई सेंटर में चयन हो गया।
रेनू ने बताया कि 3 से 6 सितंबर तक उड़ीसा के भुवनेश्वर में ट्रायल कैंप लगा जिसमें उनका चयन साई की नेशनल टीम के लिए हुआ है। इसका कैंप जल्द ही पटियाला में लगेगा। रेनू का सपना है कि वह देश के लिए खेलकर विश्व कप सहित ओलंपिक में देश को पदक दिलाना चाहती है।