शेयर बाजार में आई सुनामी से रिलायंस इंडस्ट्रीज भी नहीं बच सकी, 8 साल में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज
- 20 दिसंबर 2019 को रिलायंस के शेयरों के भाव उछल कर सबसे उच्च स्तर पर 1617 रुपये पर पहुंचे थे
- टीसीएस का मार्केट कैप 7.40 लाख करोड़ रुपये है
- रिलायंस का मार्केट कैप 2.7 लाख करोड़ रुपये गिरा
- बाजार में आई कुल गिरावट में अकेले 500 अंक रिलायंस इंडस्ट्रीज के
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सोमवार को बाजार खुलते ही इस साल की पहली एतिहासिक गिरावट दर्ज हुई। वहीं इसका सबसे ज्यादा खामियाजा देश के बड़े व्यवसायी दिग्गज मुकेश अंबानी को उठाना पड़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। वहीं रिलायंस के अलावा दिग्गज निफ्टी 50 के शेयरों में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट और पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोनावायरस को इस सुनामी के लिए जिम्मेदार माना गया।
मार्केट कैप 7.08 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
सोमवार को सेंसेक्स 1941 अंक नीचे गिर कर 35,634.95 अंकों पर बंद हुआ। इनमें अकेले 500 अंक रिलायंस इंडस्ट्रीज के हैं। वहीं निफ्टी50 में 538 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। एक वक्त में रिलायंस इंस्ट्रीज के शेयर 13.65 फीसदी की गिरावट के साथ 1094.95 रुपये पर आ गए। अक्टूबर 2008 के बाद इसे कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है। वहीं इस गिरावट के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 7.08 लाख करोड़ रुपये रह गया है। जिसके बाद कंपनी के निवेशकों के शेयरों की वैल्यू 1.08 लाख करोड़ रुपये कम हो गई।
1114.15 रुपये पर बंद हुआ शेयर
हालाकि बाजार बंद होने तक रिलायंस के शेयर संभलते हुए 12.35 फीसदी या 157 अंकों की गिरावट के साथ बीएसई पर 1114.15 रुपये पर बंद हुआ। पिछले चार दिनों में शेयर बाजार में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर्स में 17.15 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं कोरोनावायरस बढ़ते मामलों की वजहों से पिछले एक महीने में शेयरों के भाव 22.36 फीसदी गिरे हैं।
टीसीएस ने पीछे छोड़ा
इस गिरावट के बाद मार्कैट कैप के मामले में रिलायंस अब टीसीएस से पीछे हो गई है। टीसीएस का मार्केट कैप 7.40 लाख करोड़ रुपये है। रिलायंस का मार्केट कैप 2.7 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 7.05 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। रिलायंस इंडस्ट्री जामनगर, गुजरात में दुनिया की बड़ी रिफाइनरी चलाती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 लाख करोड़ का मार्केट कैप रखने वाली देश की पहली कंपनी थी। वहीं 20 दिसंबर 2019 को रिलायंस के शेयरों का भाव उछल कर 52 सप्ताह में सबसे उच्च स्तर पर 1617 रुपये पहुंच गया था। तब से लेकर अभी तक 32 फीसदी यानी 522 अंकों की गिरावट हुई है।
रूस-सऊदी अरब में प्राइस वार!
माना जा रहा है कि सोमवार को हुई गिरावट के पीछे मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड 31 फीसदी की गिरावट आई है। माना जा रहा है कि रूस को टक्कर देने के लिए सऊदी अरब ने प्राइव वार शुरू कर दिया है। वहीं सोमवार को देश की सरकारी कंपनी ओएनजीसी के शेयर 16.26 फीसदी तक गिर गए और उसका मार्केट कैप भी एक लाख करोड़ रुपये से नीचे 93000 करोड़ रुपये तक आ गया। वहीं शेयर का भाव 13.95 रुपये गिरकर 74.55 पैसे पर बंद हुआ।