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विदेश में कार्यरत प्रवासी भारतीयों ने स्वदेश भेजा 80 अरब डॉलर धन, दुनिया में भारत पहले पायदान पर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:06 AM IST
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इस साल विदेश से भारत में सबसे ज्यादा धन भेजा गया। दुनिया में अपने देश पैसे भेजने के मामले में सबसे आगे प्रवासी भारतीय रहे जिन्होंने 2018 में 80 अरब डॉलर (5673 अरब रुपये) अपने घर भेजा। ये जानकारी विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत विदेश से पैसा प्राप्त करने वाले देशों में शीर्ष पर रहा।
विश्व बैंक के रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बाद पड़ोसी देश चीन दूसरे नंबर पर रहा जहां 67 अरब डॉलर भेजा गया। इसके बाद मेक्सिको (34 अरब डॉलर), फिलीपींस (34 अरब डॉलर) और मिस्र (26 अरब डॉलर) का स्थान आता है। इस तरह विकासशील देशों को आधिकारिक रूप से भेजा जाने वाला धन 2018 में 10.8 फीसदी बढ़कर 528 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 2017 में इसमें 7.8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी।
विश्व बैंक के अनुसार दुनिया भर के देशों में भेजा जाने वाला धन इस दौरान 10.3 फीसद बढ़कर 689 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। लेकिन भारत में भेजे जाने वाले धन में पिछले तीन साल में लगातार और महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। 2016 में ये 62.7 अरब डॉलर था जबकि 2017 में यह बढ़कर 65.3 अरब डॉलर हो गया। विदेशों में कार्यरत भारतीयों की वजह से 2017 में विदेश से भेजे गए धन की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2.7 फीसद हिस्सेदारी थी ।
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हालांकि इस वृद्धि में भारत के पड़ोसी देश बंग्लादेश और पाकिस्तान भी पीछे नहीं। विश्व बैंक ने कहा कि प्रवासी नागरिकों द्वारा भेजे जाने वाले धन में बांग्लादेश में 17.9 प्रतिशत और पाकिस्तान में 6.2 फीसदी की वृद्धि देखी गई।
भारत में बड़े पैमाने पर धन प्रेषन को लेकर बैंक का मानना है कि केरल में आई प्रकृतिक आपदा की वजह से काफी धन देश भेदा गया। लोगों ने अपने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी धन भारत भेजा और कई एनजीओ की भी आर्थिक सहायता की गई।
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विश्व बैंक के रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बाद पड़ोसी देश चीन दूसरे नंबर पर रहा जहां 67 अरब डॉलर भेजा गया। इसके बाद मेक्सिको (34 अरब डॉलर), फिलीपींस (34 अरब डॉलर) और मिस्र (26 अरब डॉलर) का स्थान आता है। इस तरह विकासशील देशों को आधिकारिक रूप से भेजा जाने वाला धन 2018 में 10.8 फीसदी बढ़कर 528 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 2017 में इसमें 7.8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी।
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विश्व बैंक के अनुसार दुनिया भर के देशों में भेजा जाने वाला धन इस दौरान 10.3 फीसद बढ़कर 689 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। लेकिन भारत में भेजे जाने वाले धन में पिछले तीन साल में लगातार और महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। 2016 में ये 62.7 अरब डॉलर था जबकि 2017 में यह बढ़कर 65.3 अरब डॉलर हो गया। विदेशों में कार्यरत भारतीयों की वजह से 2017 में विदेश से भेजे गए धन की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 2.7 फीसद हिस्सेदारी थी ।
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हालांकि इस वृद्धि में भारत के पड़ोसी देश बंग्लादेश और पाकिस्तान भी पीछे नहीं। विश्व बैंक ने कहा कि प्रवासी नागरिकों द्वारा भेजे जाने वाले धन में बांग्लादेश में 17.9 प्रतिशत और पाकिस्तान में 6.2 फीसदी की वृद्धि देखी गई।
भारत में बड़े पैमाने पर धन प्रेषन को लेकर बैंक का मानना है कि केरल में आई प्रकृतिक आपदा की वजह से काफी धन देश भेदा गया। लोगों ने अपने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी धन भारत भेजा और कई एनजीओ की भी आर्थिक सहायता की गई।
विश्व बैंक ने कहा है कि विकसित देशों खासकर अमेरिका में आर्थिक परिस्थितियों में मजबूती और तेल की कीमतों में वृद्धि का संयुक्त अरब अमीरात जैसे जीसीसी देशों से निकासी पर सकारात्मक प्रभाव से धन प्रेषण में वृद्धि हुई है। अमीरात से निकासी में 2018 की पहली छमाही में 13 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।