सफलता: तीसरी सबसे बड़ी भारतीय आईटी फर्म बनी विप्रो लिमिटेड, छुआ ये मील का पत्थर
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भारतीय आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड ने गुरुवार को मील का पत्थर हासिल करते हुए गुरुवार को पहली बार बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) में तीन लाख करोड़ (तीन ट्रिलियन) का आंकड़ा छुआ। यह उपलब्धि हासिल करने वाली विप्रो तीसरी भारतीय आईटी कंपनी बन गई है।
गुरुवार को शेयर बाजार खुलने के साथ ही विप्रो के शेयर का भाव 550 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। बता दें कि विप्रो से पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इन्फोसिस ऐसी भारतीय कंपनियां रही हैं, जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार विप्रो के शेयरों में यह तेजी तब से आई है जब से थियरे डेलापोर्ट कंपनी से सीईओ और एमडी के तौर पर जुड़े हैं।
इसके साथ ही गुरुवार को भारत का बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स 0.6 फीसदी बढ़कर 52,169 अंक पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि एक साल में विप्रो लिमिटेड के शेयरों में 157 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, इस साल की शुरुआत से यह बढ़ोतरी 40 फीसदी रही है।
बता दें कि इस समय रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे कीमती कंपनी है। इसका एम-कैप 14.05 ट्रिलियन रुपये है। दूसरे स्थान पर मौजूद टाटा कंसल्टेंसी का एम-कैप 11.58 ट्रिलियन रुपये है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का एम-कैप 8.33 ट्रिलियन रुपये है।
सेंसेक्स और निफ्टी रिकार्ड ऊंचाई पर
दो दिन के हल्के कारोबार के बाद शेयर बाजारों में गुरुवार को जोरदार तेजी रही जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक रिकार्ड ऊंचाई पर बंद हुए। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी के साथ मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों के बेहतर प्रदर्शन से भी बाजार को मजबूती मिली।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स मजबूती के साथ खुला और पूरे कारोबार के दौरान तेजी बनी रही। अंत में यह 382.95 अंक यानी 0.70 फीसदी बढ़त के साथ रिकार्ड 52,232.43 अंक पर बंद हुआ। इससे पूर्व, सूचकांक इस साल 15 फरवरी को 52,154.13 के रिकार्ड स्तर पर बंद हुआ था।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 114.15 अंक यानी 0.73 फीसदी मजबूत होकर अब तक के उच्चतम स्तर 15,690.35 अंक पर बंद हुआ।