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वाहन मालिक अब दो हिस्सों में खरीद सकेंगे बीमा
Mon, 24 Jun 2019 05:59 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 24 Jun 2019 05:59 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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आगामी एक सितंबर से साधारण बीमा कंपनियां वाहनों को भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोड़फोड़ और दंगे जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए अलग से बीमा कवर उपलब्ध कराएंगी। इस संबंध में बीमा क्षेत्र के नियामक इरडा ने एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी खरीदना वैकल्पिक हो जाएगा यानी वाहन मालिकों को थर्ड पार्टी एवं ‘ओन डैमेज’ बीमा अनिवार्य रूप से एक साथ नहीं खरीदनी पड़ेगी।
भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के सकुर्लर के मुताबिक, बीमा कंपनियों को एक सितंबर, 2019 से नई और पुरानी कारों एवं दोपहिया वाहनों के लिए सालाना ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी पेश करनी होगी। इसमें बीमाधारक के कहने पर आग और चोरी के नुकसान को भी कवर किया जा सकता है।
इरडा के मुताबिक, बीमा कंपनियां अलग-अलग ‘ओन डैमेज’ और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अलावा इनके एक साथ पैकेज भी उपलब्ध करा सकेंगी। हालांकि, कंपनियों को लंबी अवधि के लिए ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी लाने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इरडा ने अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए यह जानकारी दी है।
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भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के सकुर्लर के मुताबिक, बीमा कंपनियों को एक सितंबर, 2019 से नई और पुरानी कारों एवं दोपहिया वाहनों के लिए सालाना ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी पेश करनी होगी। इसमें बीमाधारक के कहने पर आग और चोरी के नुकसान को भी कवर किया जा सकता है।
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इरडा के मुताबिक, बीमा कंपनियां अलग-अलग ‘ओन डैमेज’ और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अलावा इनके एक साथ पैकेज भी उपलब्ध करा सकेंगी। हालांकि, कंपनियों को लंबी अवधि के लिए ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी लाने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इरडा ने अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए यह जानकारी दी है।
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नई कंपनी से भी खरीद सकेंगे बीमा
इरडा के अनुसार, वाहन मालिक एक सितंबर या इसके बाद समाप्त हो रही बीमा के लिए ‘ओन डैमेज’ का सालाना नवीनीकरण अपनी मौजदा या नई बीमा कंपनी से करा सकेंगे। लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी गई है। बीमा कंपनियां किसी वाहन का ‘ओन डैमेज’ बीमा तभी कर सकेंगी, जब उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस या तो पहले से हो या फिर ‘ओन डैमेज’ के साथ खरीदा जा रहा हो। अकेले ‘ओन डैमेज’ बीमा खरीदने पर उसकी कीमत वही रहेगी, जो थर्ड पार्टी के साथ पैकेज ऑफर में ‘ओन डैमेज’ बीमा की होगी।
मिल गया जरूरी स्पष्टीकरण
बजाज अलियांज इंश्योरेंस के कंपनी सेक्रेटरी एवं अनुपालन अधिकारी ओंकार कोठारी का कहना है कि इरडा के इस आदेश से ‘ओन डैमेज’ बीमा की शर्तों, कीमत और अवधि को लेकर जरूरी स्पष्टीकरण मिल गया है। बीमा कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे ‘ओन डैमेज’ बीमा तभी दें, जब वाहन के लिए पहले से थर्ड पार्टी बीमा लिया गया हो या फिर ओन डैमेज के साथ खरीदी जा रही हो। इसके अलावा कंपनियों को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के विवरण का भी उल्लेख करना होगा।
क्या होता है ओन डैमेज बीमा
ओन डैमेज बीमा के तहत वाहन के भूकंप एवं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोड़फोड़, आगजनी और दंगे जैसी घटनाओं में क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वाहन मालिक को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा वाहन के चोरी होने पर भी वाहन मालिक को इसके तहत सुरक्षा मिलती है।
मिल गया जरूरी स्पष्टीकरण
बजाज अलियांज इंश्योरेंस के कंपनी सेक्रेटरी एवं अनुपालन अधिकारी ओंकार कोठारी का कहना है कि इरडा के इस आदेश से ‘ओन डैमेज’ बीमा की शर्तों, कीमत और अवधि को लेकर जरूरी स्पष्टीकरण मिल गया है। बीमा कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे ‘ओन डैमेज’ बीमा तभी दें, जब वाहन के लिए पहले से थर्ड पार्टी बीमा लिया गया हो या फिर ओन डैमेज के साथ खरीदी जा रही हो। इसके अलावा कंपनियों को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के विवरण का भी उल्लेख करना होगा।
क्या होता है ओन डैमेज बीमा
ओन डैमेज बीमा के तहत वाहन के भूकंप एवं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोड़फोड़, आगजनी और दंगे जैसी घटनाओं में क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वाहन मालिक को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा वाहन के चोरी होने पर भी वाहन मालिक को इसके तहत सुरक्षा मिलती है।