द बोनस मार्केट अपडेट: गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 571 अंक टूटा, निफ्टी 22,422 के स्तर पर
भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। भारी बिकवाली के बीच सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ।
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घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक टूटकर 71,909.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 198.50 अंक की गिरावट के साथ 22,421.95 पर आ गया। आज सुबह भी बाजार गिरावट के साथ खुला था। दोपहर होते-होते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 950 अंक से ज्यादा तक टूट गया। हालांकि बाद में शेयर बाजार थोड़ा संभला, लेकिन हरे निशान पर वापसी करने में असफल रहा।
जीएसटी संग्रह सितंबर में 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार
भारत का सकल जीएसटी संग्रह सितंबर में सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ रुपए रहा है। यह जानकारी सरकार की ओर से गुरुवार को दी गई। घरेलू गतिविधियों से सकल जीएसटी संग्रह सितंबर में सालाना आधार पर 10.1 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.38 लाख करोड़ रुपए रहा है। वहीं, आयात पर जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 65,525 करोड़ रुपए था।
सितंबर में जीएसटी रिफंड में सालाना आधार पर करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 27,001 करोड़ रहा है। रिफंड को हटाकर सितंबर में शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 18.1 प्रतिशत बढ़कर 1.76 लाख करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 27 के पहले छह महीनों में (अप्रैल-सितंबर) तक शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 11.6 प्रतिशत बढ़कर 12.46 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इस दौरान शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 10.4 प्रतिशत बढ़कर 10.66 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
बाजार में दिखी बिकवाली
बाजार में सतर्कता देखने को मिली क्योंकि ऊर्जा की बढ़ती लागत और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने मुद्रास्फीति के दबाव और ब्याज दरों के दृष्टिकोण के बारे में चिंताएं बढ़ा दीं, जिससे सभी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई। निफ्टी के घटकों में, बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी इंडिया और श्रीराम फाइनेंस दिन के सबसे बड़े नुकसान उठाने वाले शेयरों के रूप में उभरे, जो ऑटो और वित्तीय शेयरों में कमजोरी को दर्शाता है।
बाजार में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 0.97 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कैसे रहा कंपनियों का हाल?
क्षेत्रीय स्तर पर, ऑटोमोबाइल, मीडिया, धातु और एफएमसीजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया, जिसमें निफ्टी आईटी इंडेक्स सत्र के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा।
विश्लेषकों ने कहा कि दीर्घकालिक निवेशक निवेशित रह सकते हैं और बाजार की कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे लाभ अर्जित कर सकते हैं, जबकि अल्पकालिक निवेशक अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सरकार द्वारा उठाए गए मजबूत कदमों से वैश्विक वित्तीय बाजारों में स्थिरता बहाल होने तक प्रतीक्षा करो और देखो का दृष्टिकोण अपना सकते हैं।