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विदेश में आशियाना चाहते हैं 74 फीसदी भारतीय उद्यमी: सिंगापुर पहली पसंद; क्या है वजह?

Thu, 01 Oct 2026 07:18 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 01 Oct 2026 07:18 AM IST
सार

भारतीय उद्यमी अब कारोबार के साथ विदेश में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। एचएसबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 74 फीसदी उद्यमी विदेश में दूसरा आशियाना चाहते हैं और सिंगापुर उनकी पहली पसंद है। क्या निवेश और एआई के बढ़ते इस्तेमाल से भारतीय कारोबार का अगला विस्तार वैश्विक स्तर पर होगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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Indian Entrepreneurs Going Global: 74% Seek Overseas Homes; Singapore Most Preferred, AI Adoption Rises
भारतीय उद्यमियों की विदेश में भी आशियाना बनाने की चाहत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

भारतीय उद्यमी अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में हैं। एचएसबीसी की ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरियल वेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग तीन-चौथाई यानी 74 फीसदी उद्यमी विदेश में एक अतिरिक्त आशियाने की चाहत रखते हैं  या  किसी दूसरे  बसने की योजना बना रहे हैं। यह आंकड़ा वैश्विक औसत 70 प्रतिशत के बेहद करीब है। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय उद्यमी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिगांपुर सबसे लोकप्रिय गंतव्य बनकर उभरा है, जिसे 14% लोगों ने चुना। इसके बाद सूची में फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका का स्थान रहा, जिनमें सेे प्रत्येक को 11-11% उद्यमियों ने पसंद किया है। उद्यमियों के इस कदम के पीछे की प्रमुख वजह बेहतर निवेश के अवसर तलाशना, वित्तीय सुरक्षा मजबूत करना, महंगाई से बचाव और दीर्घकालिक पोर्टफोलियो विविधीकरण करना है।
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14% उद्यमियों का पसंदीदा गंतव्य सिंगापुर, प्राथमिकता सूची में फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका भी


भारतीय तेजी से अपना रहे एआई
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारतीय उद्यमी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने के मामले में वैश्विक औसत से काफी आगे हैं और वे तेजी से इसे अपना रहे हैं। लगभग 99 फीसदी उद्यमी अपने कारोबार के संचालन में बदलाव लाने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं या योजना बना रहे हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 95% है। लगभग दो-तिहाई (65%) उद्यमियों ने  एआई के प्रभाव के लिए अपने कारोबार को पहले ही ढाल लिया है, जो कि 60% के वैश्विक औसत से आगे है।
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भारतीय उद्यमी एआई को बड़े उत्साह के साथ अपना रहे हैं और प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने व कारोबार के विकास के अगले चरण में इसके समर्थन को पहचान रहे हैं। एआई में निवेश करने की उनकी इच्छा भविष्य के अवसरों में मजबूत विश्वास को दर्शाती है। -संदीप बत्रा, इंटरनेशनल वेल्थ एंड प्रीमियर बैंकिंग हेड (एचएसबीसी इंडिया) 

तकनीक से बढ़ेंगी नौकरियां
नौकरी और एआई को लेकर फैली आम आशंकाओं के विपरीत, सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लगभग आधे (45%) भारतीय उद्यमियों का मानना है कि एआई अगले दो वर्षों में कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि करेगा, जबकि 25% का मानना है कि इससे संख्या घटेगी। आधे से अधिक (54%) उद्यमी अपने टर्नओवर का 11% से 30% हिस्सा एआई में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 61% है।


कारोबार  का होगा विस्तार
रिपोर्ट के मुताबिक, 46% भारतीय उद्यमियों का मानना है कि एआई प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल करने में मदद कर रहा है, जबकि 42% का मानना है कि यह नए बाजारों या व्यापारिक क्षेत्रों की पहचान करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, 39% ने कर्मचारी उत्पादकता बढ़ाने और लाभ मार्जिन में सुधार को इसके संभावित लाभों में गिनाया।
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