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RTI में खुलासा, आधार डाटा एक्सेस कर सकती हैं UIDAI के साथ काम कर रहीं विदेशी कंपनियां

Wed, 30 Aug 2017 09:52 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल Updated Wed, 30 Aug 2017 09:52 AM IST
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rti reveals aadhaar data can be access by foreign firms working with uidai
शिविर में बनाए आधार कार्ड - फोटो : अमर उजाला

आधार के क्लासिफाइड डाटा को विदेशी कंपनियां एक्सेस कर सकती हैं। आरटीआई में किए गए एक खुलासे से पता चला है कि आधार नंबर जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ काम कर रहीं विदेशी कंपनियों सभी प्रकार का डाटा एक्सेस कर सकती हैं। 

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पढ़ें- UIDAI का आधार डेटा में सेंधमारी से इनकार, कहा- किए गए हैं सुरक्षित उपाय
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टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बंगलुरू के रहने वाले कर्नल मैथ्यू थॉमस द्वारा दायर की गई आरटीआई में जानकारी दी गई है कि सभी विदेशी कंपनियों को लोगों के फिंगरप्रिंट्स, आंखो की पुतलियों का स्कैन और पर्सनल जानकारी जैसे कि जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर की जानकारी का एक्सेस है। कर्नल मैथ्यू सुप्रीम कोर्ट में दायर राइट टू प्राइवेसी मामले में याचिकाकर्ता भी हैं। 
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आरटीआई की जानकारी पूरी तरह से सरकार और यूआईडीएआई के दावे को पूरी तरह से खारिज करता है।  इसके अनुसार कंपनियों के साथ किए गए कांट्रैक्ट के क्लॉज 15.1 में कहा गया है कि  कंपनियां सभी प्रकार के डाटा और हार्डवेयर को एक्सेस कर सकती हैं। ये केवल उन कंपनियों के लागू है जो बॉयोमेट्रिक सर्विस प्रोवाइडर हैं। 

विकिलीक्स ने किया था खुलासा

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विकिलीक्स ने खुलासा किया था कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के पास आधार कार्ड के डाटा का एक्सेस है। विकिलीक्स का दावा है कि सीआईए ने इसके लिए यूएस की कंपनी क्रॉस मैच टेक्नोलॉजी के द्वारा तैयार किए गए डिवाइसेस की मदद से आधार डाटा को हैक कर लिया है। 

इसी कंपनी ने दिए है UIDAI को बॉयोमेट्रिक के लिए सॉफ्टवेयर
 विकिलीक्स के अनुसार सीआईए ने जिस कंपनी की मदद से आधार डाटा को हैक किया है उसी कंपनी की इंडियन इकाई आधार कार्ड बनाने वाली संस्था यूनिक आई़डेंटिफिकेश अथॉरिटी ऑफ इंडिया को बॉयोमेट्रिक डाटा लेने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया है। 

क्रॉसमैच का इंडिया में ऑपरेशन स्मार्ट आईडेंटिटी डिवाइसेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ में पार्टनरशिप है। इसी कंपनी ने देश भर के 1.2 मिलियन भारतीयों के आधार कार्ड के लिए डाटाबेस इकठ्ठा किए थे। 

विकिलीक्स ने शुक्रवार को ट्विट करके कहा कि क्या सीआईए के जासूसों ने भारत के नेशनल आईडी कार्ड डाटाबेस को चोरी कर लिया है? इसके कुछ देर बाद विकिलीक्स ने एक और ट्विट करके पूछा कि क्या सीआईए ने आधार डाटाबेस चोरी कर लिया? विकिलीक्स ने इसके साथ ही एक मैगजीन का में छपे आर्टिकल का लिंक भी शेयर किया। 

सरकार ने खारिज किया विकिलीक्स का दावा
हालांकि केंद्र सरकार ने विकिलीक्स के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा कि यह विकिलीक्स का खुलासा नहीं है, ब्लकि एक वेबसाइट द्वारा बताया गया लीक है। सरकार ने कहा कि क्रॉस मैच बॉयोमेट्रिक डिवाइस बनाने वाली कंपनी है जो पूरे विश्व में इस तरह के डिवाइस सप्लाई करती है।

जो भी वेंडर आधार का डाटा कलेक्ट करते हैं वो इनक्रिप्टेड फॉर्म में आधार सर्वर को ट्रांसफर हो जाता है। सरकार ने कहा कि आधार का डाटा पूरी तरह से सेफ है और इसको किसी एजेंसी को देखने का अधिकार नहीं है।

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