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दिसंबर में रिटेलर्स ला सकते हैं मेगा सेल, जीएसटी की वजह से मिलेगा हैवी डिस्काउंट
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Wed, 01 Nov 2017 03:41 PM IST
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अगले महीने देश भर के प्रमुख और छोटे रिटेलर्स अपना सामान बेचने के लिए मेगा सेल शुरू कर सकते हैं। इस सेल के तहत ब्रांडेड कपड़ों, गैजेट्स, कंज्यूमर गुड्स और खिलौनों पर 50 फीसदी तक डिस्काउंट मिलेगा। इस सेल की वजह जीएसटी है, जिससे रिटेलर्स 30 जून तक खरीदे गए सामान को बेचेंगे।
सरकार ने दिया था 6 महीने का समय
केंद्र सरकार ने व्यापारियों को 30 जून तक खरीदे गए सामान को बेचने के लिए 6 महीने का समय दिया था, जिसके लिए समय सीमा 31 दिसंबर को खत्म हो रही है। ये वो सामान था, जिसे व्यापारियों ने बिना किसी इनवॉयस के खरीदा था और उस पर नियम के अनुसार, ट्रांसिशनल क्रेडिट नहीं मिलेगा।
पढ़ें- GST: एसी रेस्टोरेंट में देना होगा केवल इतना टैक्स, छोटे कारोबारियों को भी मिलेगी बड़ी राहत
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6500 करोड़ का व्यापारियों ने किया क्लेम
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पूरे देश भर के व्यापारियों ने करीब 6500 करोड़ रुपये का क्लेम मांगा था। अगर सरकार ने यह क्लेम नहीं दिया तो व्यापारियों को मजबूरन अपना सामान आधे दाम में बेचना पड़ेगा। व्यापारियों की माने तो दिवाली में भी पुराना स्टॉक नहीं बिक पाया और काफी माल बचा हुआ, जिसको उन्हें बेचना है।
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सरकार ने दिया था 6 महीने का समय
केंद्र सरकार ने व्यापारियों को 30 जून तक खरीदे गए सामान को बेचने के लिए 6 महीने का समय दिया था, जिसके लिए समय सीमा 31 दिसंबर को खत्म हो रही है। ये वो सामान था, जिसे व्यापारियों ने बिना किसी इनवॉयस के खरीदा था और उस पर नियम के अनुसार, ट्रांसिशनल क्रेडिट नहीं मिलेगा।
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6500 करोड़ का व्यापारियों ने किया क्लेम
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पूरे देश भर के व्यापारियों ने करीब 6500 करोड़ रुपये का क्लेम मांगा था। अगर सरकार ने यह क्लेम नहीं दिया तो व्यापारियों को मजबूरन अपना सामान आधे दाम में बेचना पड़ेगा। व्यापारियों की माने तो दिवाली में भी पुराना स्टॉक नहीं बिक पाया और काफी माल बचा हुआ, जिसको उन्हें बेचना है।
दो रिटेल चेन करने जा रहे हैं दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
GST Sale
इस समस्या से छुटकारा पाने और केंद्र सरकार की तरफ से जारी किए गए नियमों में राहत पाने के लिए देश के दो बड़े रिटेल स्टोर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। कानूनी जानकारों के मुताबिक, जीएसटी कानून में इस तरह का प्रावधान व्यापारियों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है।
जानकारों का कहना कि कोई भी कानून व्यापारियों को बिजनेस करने के तरीके और सामान बेचने का नियत समय नहीं तय कर सकता है। कई व्यापारियों ने 30 जून से पहले खरीदे गए सामान पर वैट, सेल्स टैक्स और एक्साइज ड्यूटी जमा कर दी थी और अब उन पर दबाव बनाकर सामान बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अब जीएसटी काउंसिल इस मुद्दे पर अगला फैसला 10 नवंबर को लेगी।
जानकारों का कहना कि कोई भी कानून व्यापारियों को बिजनेस करने के तरीके और सामान बेचने का नियत समय नहीं तय कर सकता है। कई व्यापारियों ने 30 जून से पहले खरीदे गए सामान पर वैट, सेल्स टैक्स और एक्साइज ड्यूटी जमा कर दी थी और अब उन पर दबाव बनाकर सामान बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अब जीएसटी काउंसिल इस मुद्दे पर अगला फैसला 10 नवंबर को लेगी।