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GST का A टू Z: कारोबारियों को राहत, रजिस्ट्रेशन के लिए मिलेगा 30 दिन का वक्त

Mon, 26 Jun 2017 11:38 AM IST
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल Updated Mon, 26 Jun 2017 11:38 AM IST
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retailers and wholesellers has not to give bill on sale upto 200 rupees

गुड्स एंड सर्विस टैक्स के लागू होने में अब एक हफ्ते से कम का समय बचा है। सरकार ने रविवार से व्यापारियों और छोटे रिटेलर्स के लिए जीएसटीएन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि इससे पहले अभी तक व्यापारियों और छोटे रिटेलर्स के बीच जीएसटी को लेकर के कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब हम आपको दे रहे हैं। 

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1. क्या खरीद-बिक्री की रोज करनी होगी ऑनलाइन एंट्री?
- नहीं। जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न के जरिए मासिक तौर पर ही भेजनी होगी। कंप्यूटर पर या अपनी बही में हालांकि रोज करनी होगी एंट्री।

2. कब भरना होगा रिटर्न?
- किसी भी महीने के लिए खरीद-बिक्री के लिए रिटर्न उसके अगले महीने की 10 या 15 तारीख तक भेजनी होगी। जुलाई की रिटर्न के लिए हालांकि 25 दिनों की मोहलत मिल रही है।
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3.रिटर्न भरने में हुई चूक, तो क्या होगा?
- भरे गए रिटर्न में किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए दो महीने का वक्त मिलेगा।

4. कितनी रकम के लिए बिल जरूरी नहीं होगा?
- 200 रुपये से कम की बिक्री यदि गैर-पंजीकृत डीलर या कंज्यूमर को होगी, तो बिल बनाना जरूरी नहीं होगा। दिनभर की बिक्री के लिए एक बिल भी काटा जा सकता है।

5. क्या 200 रुपये से अधिक की हर बिक्री का बिल बनाना होगा?
- टैक्स काटे जाने की स्थिति में बिल जरूरी होगा। यदि कर मुक्त सामानों की बिक्री हुई है, तो टैक्स इनवॉयस की जगह ‘बिल ऑफ सप्लाई’ बनाना होगा।
 
6. अगर अभी पास में बगैर बिल वाला स्टॉक है, तो उसका क्या करना होगा?
- जीएसटी की तय दर लगाकर उसे बेचा जा सकता है, पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाएगा।

7. बिल जारी करने की कोई अंतिम समय सीमा है क्या?
- वस्तुओं की आपूर्ति मेें डिलीवरी से पहले बिल जारी करना होगा। सेवाओं के मामले में डिलीवरी के 30 दिनों के भीतर बिल भेजे जा सकते हैं।

8. क्या हर कारोबारी को अकाउंटेंट और सीए रखना होगा?
- यह कारोबार के आकार पर निर्भर करेगा। छोटे कारोबारियों के लिए मासिक या सालाना शुल्क पर बाजार में कई सीए या आईटी समाधान मौजूद होंगे।

9. बिलिंग, रिटर्न या अन्य अनुपालनों पर कितना खर्च आ सकता है?
- एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सालाना 9,000 तक इनवॉयस दाखिल करने वाले एसएमई के लिए आईटी एप्लीकेशन की कीमत 2,700 रुपये सालाना तय की है। आगे यह दर और घट सकती है।

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पंजीकरण की पेचीदगियां

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10. जीएसटी के लिए कारोबारियों का पंजीकरण पर कितना होगा खर्च?
- खुद कर रहे हैं, तो कोई खर्च नहीं। सीए या आईटी समाधानों की मदद लेने पर 1,000 रुपये से 3,000 रुपये तक खर्च आ सकता है।

11. कब करा सकते हैं पंजीकरण?
- विंडो 25 जून को फिर से खुला है, जिस पर 30 जून तक होगा जीएसटी पंजीकरण। इस पर नए या गैर-पंजीकृत कारोबारी भी हो सकेंगे पंजीकृत।

12. पंजीकरण के लिए कहां जाना होगा?
- जीएसटी डॉट गव डॉट इन पर। यह पूरे देश के कारोबारियों के लिए कॉमन पोर्टल है।

13. कैसे करेंगे पंजीकरण?
- पोर्टल पर लॉग इन करें। प्रोजिनल जीएसटीएन आईडी, पासवर्ड डालें। वेरिफिकेशन के बाद अपना ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर डाले। ओटीपी की मदद से आईडी व पासवर्ड बदलें।

14. कहां मिलेगा प्रोजिनल जीएसटीएन आईडी और पासवर्ड?
- अभी कारोबारी जिस भी विभाग में पंजीकृत हैं, वहां से प्रोजिनल जीएसटीएन आईडी व पासवर्ड मिलेगा।

15. गैर-पंजीकृत कारोबारियों को कहां से मिलेगा आईडी?
- मौजूदा दस्तावेजों के आधार पर पोर्टल पर दिए गए एक खास लिंक से बना सकेंगे आईडी और पासवर्ड।

16. क्या-क्या जानकारियां भरनी होगी?
- आईडी व पासवर्ड एंटर करने के बाद एनरोलमेंट आवेदन का विंडो आएगा। यहां विभिन्न टैब के सहारे भरें ये जानकारियां- कारोबारी विवरण, प्रमोटर या पार्टनर, अथॉराइज्ड सिग्नेटरी, कारोबार का प्रमुख स्थान, कारोबार का अतिरिक्त स्थान, सामान और सेवाएं, बैंक खाता। इसके बाद डिजिटल सिग्नेचर पेज आएगा। सबमिट करने के 15 मिनट के अंदर कारोबारी को ऐप्लीकेशन रेफरेंस नंबर (एआरएन) मिल जाएगा। इसके बाद कुछ अन्य जानकारियां अपलोड करने को कहा जा सकता है। फिर एक प्रोविजनल जीएसटी पंजीकरण संख्या मिलेगी, जो जीएसटी लागू होते ही स्थायी टिन नंबर हो जाएगा।

17. परेशानी होने पर कहां कर सकते हैं संपर्क?
- दिक्कत होने पर सीबीईसीमित्रा डॉट हेल्पडेस्क एट जीएसटी डॉट गव डॉट इन पर अपने विवरण डाल सकते हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1800-1200-232 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

18. पंजीकरण नहीं कराने पर क्या होगा?
- यदि कारोबारी वैट, एक्साइज या सेवा कर में पंजीकृत है, तो प्रोविजनल जीएसटी पंकरण नहीं कराने पर जीएसटी लागू होते ही कारोबारी गैर-पंजीकृत श्रेणी में आ जाएगा। नए पंजीकरण के लिए उसे 30 दिन का वक्त मिलेगा।
 
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