{"_id":"5fc456300ca886453d0933d0","slug":"repo-rate-will-not-be-reduced-continue-third-time-due-to-inflation-covid-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई के दबाव में तीसरी बार भी नहीं घटेगा रेपो रेट ","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
महंगाई के दबाव में तीसरी बार भी नहीं घटेगा रेपो रेट
Mon, 30 Nov 2020 07:47 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 30 Nov 2020 07:47 AM IST
विज्ञापन
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छह साल के शीर्ष पर पहुंची खुदरा महंगाई के दबाव में रिजर्व बैंक एक बार फिर नीतिगत दरें अपरिवर्तित रख सकता है। बाजार विशेषज्ञों का दावा है कि 2 से 4 दिसंबर तक होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा।
विज्ञापन
2 से 4 दिसंबर तक होगी मौद्रिक की समिति की बैठक
विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर तिमाही में भी विकास दर शून्य से नीचे रहने का असर भी मोद्रिक नीतियों पर दिखेगा। गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में 6 सदस्य समिति 4 दिसंबर को रिपोर्ट पर फैसला करेगी। गत अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई की दर 7.61 फ़ीसदी पहुंच गई, जो साढ़े छह साल में सबसे ज्यादा है।
विज्ञापन
खुदरा महंगाई लगातार छह महीने से आरबीआई के अनुमानित लक्ष्य 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। कोटक महिंद्रा बैंक की उपभोक्ता बैंकिंग प्रमुख शांति इंकबरम का कहना है कि इसी वजह से पिछली दो एमपीसी बैठक में रेपो रेट नहीं हटाया जा सका।
विज्ञापन
रिजर्व बैंक ने 2020-2021 में अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया है। लिहाजा नीतिगत फैसले पर इसका भी दबाव रहता है। हालांकि फरवरी से अब तक 1.15 फीसदी कटौती रेपो रेट में हो चुकी है। अगले कुछ महीने अर्थव्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। अगर विकास दर सकारात्मक होती हैं तो अगली एमपी सी बैठक में दरें घटाने पर फैसला हो सकता है।