किसानों को राहत: नहीं बढ़ेंगे गैर-यूरिया खादों के दाम, सरकार ने दिए कंपनियों को निर्देश
- सरकार ने कंपनियों को एमआरपी बढ़ाने के बजाय पुरानी दर पर बेचने का दिया निर्देश
- उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, किसान समुदाय का हित सरकार की प्राथमिकता
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केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गैर-यूरिया खादों की कीमतें नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने शुक्रवार को खाद कंपनियों को निर्देश दिया कि वे डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) जैसे गैर-यूरिया खादों की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) बढ़ाने के बजाय पुराने दाम पर ही बेचें। इसके साथ ही 2021-22 के लिए फॉस्फैटिक एवं पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों के लिए पोषक आधारित सब्सिडी में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से कुछ निजी खाद कंपनियों ने गैर-यूरिया खादों की कीमत बढ़ाने का फैसला किया।
इसे देखते हुए बृहस्पतिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में खाद कंपनियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया। डीएपी, एमओपी और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटैशियम आधारित खाद) की खुदरा कीमतें नियंत्रण मुक्त हैं यानी इनके दाम कंपनियां खुद तय करती हैं और सरकार हर साल इनको सब्सिडी देती है। रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्हें राहत देने के लिए सरकार ने उच्चस्तरीय बुलाई और खाद कंपनियों को डीएपी, एमओपी और एनपीके की कीमतें नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया। कंपनियां भी इस पर सहमत हैं। इस तरह किसानों को डीएपी, एमओपी और एनपीके जैसे गैर-यूरिया खाद अब भी पुराने दाम पर मिलते रहेंगे। किसान समुदाय के हित को प्राथमिकता देते हुए खादों की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी।
घरेलू बाजार में 58 फीसदी तक बढ़ीं कीमतें
वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से देश की सबसे बड़ी उर्वरक उत्पादक इंडियन फामर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने विनियंत्रित खादों के दाम 45 से 58 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस वृद्धि के साथ डीएपी के 50 किलोग्राम बैग की कीमत 1,200 रुपये से करीब 58 फीसदी बढ़कर 1,900 रुपये हो गई है। हाल के दशकों में खाद कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इफको के मुताबिक, एनपीके 10:26:26 की कीमत 1,175 रुपये बढ़ाकर 1,775 रुपये प्रति बैग, एनपीके 12:32:16 की कीमत 1,185 रुपये से बढ़ाकर 1,800 रुपये और एनपीएस 20:20:0:13 की कीमत 925 रुपये से बढ़ाकर 1,350 रुपये प्रति बोरी कर दी गई है। एनपीके 15:15:15 की कीमत भी बढ़कर 1,500 रुपये प्रति बैग हो गई है। इसके अलावा, कृभको, एमसीएफएल, जुआरी एग्रो केमिकल्स और प्रदीप फॉस्फेट्स ने भी डीएपी की कीमतें बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दी है। चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड ने दाम बढ़ाकर 1,600 रुपये और इंडोराम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1,495 रुपये प्रति बैग कर दिए हैं। सभी कंपनियों की कीमतें 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी हैं।
इफको ने बैग पर छापी थी नई दर
सहकारी उर्वरक संस्था इफको ने डीएपी के ताजा स्टॉक पर 1,700 रुपये प्रति बैग की नई दर छापी है। संस्था ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि यह एक अनुमानित दर है, जो किसानों की बिक्री के लिए नहीं है। इफको के सीईओ-एमडी यूएस अवस्थी ने ट्वीट कर कहा, हमने अपनी मार्केटिंग टीम को पुरानी दरों के साथ केवल पहले से पैक की गई सामग्री को किसानों को बेचने का निर्देश दिया है। हम हमेशा ‘किसान पहले’ दृष्टिकोण के साथ फैसले लेते हैं। संस्था के मुताबिक, वह वैश्विक बाजार में कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं के साथ कीमतों पर बातचीत कर रही है। अभी उसके पास 11.26 लाख टन कॉम्प्लेक्स खादों का पुराना स्टॉक है, जो पुराने दाम पर बेचे जाएंगे।