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भारतीय अर्थव्यवस्था में हल्का सुधार लेकिन करना होगा लंबा इंतजार - रिपोर्ट
Sun, 18 Oct 2020 12:30 PM IST
Tanuja Yadav
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 18 Oct 2020 12:30 PM IST
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अर्थव्यवस्था
- फोटो : pixabay
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कोरोना और लंबे समय तक चले लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है, ये पहले से काफी कमजोर हो गई। हालांकि अनलॉक के जरिए धीरे-धीरे आर्थिक सुधार होते नजर आ रहे हैं लेकिन पूरी तरह से पटरी पर अर्थव्यवस्था को दौड़ने में थोड़ा समय लगेगा।
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हालांकि दुनियाभर की रेटिंग एजेंसियां देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट पेश करने लगी हैं, लेकिन असल में अगर बाजार की हालत देखी जाए तो सुधार के जितने भी संकेत मिले हैं, वो कमजोर ही लगेंगे। ब्रिकवर्क रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन की वजह से छह महीने में सामने आई दिक्कतों के बाद अर्थव्यवस्था के लिए कुछ अच्छी खबरे हैं।
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रिपोर्ट में ऐसा अनुमान लगाया गया है कि अगर सरकार ने अर्थव्यवस्था से निपटने के लिए तत्काल कोई कदम नहीं उठाया तो सितंबर तिमाही में 13.5 फीसदी और चालू वित्त वर्ष में करीब 9.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा की रिपोर्ट के मनरेगा और पीएम किसान जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी सहायता में वृद्धि हुई है।
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इसके अलावा पीएमआई इंडेक्स में तेज सुधार देखने को मिला है, यह सूचकांक अगस्त में 52 था, जो सितंबर में 56.8 पर पहुंच गया। यह आठ साल की सबसे बड़ी तेजी है। वहीं जीएसटी कलेक्शन पिछले साल की तुलना सितंबर की तुलना में 3.8 फीसदी से बढ़कर 95,480 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
वहीं पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 31 फीसदी का इजाफा देखा गया है। वहीं रेलवे माल ढुलाई में 15 फीसदी की तेजी आई है। छह महीने के बाद वस्तुओं के निर्यात में भी 5.3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट की माने तो इस साल ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आ सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर मानसून और खरीफ फसल की अच्छी पैदावार से कृषि कारोबार की धारणा काफी अच्छी बनी हुई है। सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने की ओर कदम उठा रही है।