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खुशखबरी: जल्द ही सस्ती हो सकती है बिजली, लागत में गिरावट

Fri, 20 May 2016 04:43 AM IST
राजीव कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 May 2016 04:43 AM IST
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Production cost decreases, soon electricity rate deeps
उत्पादन लागत में कमी आई - फोटो : Getty

 जल्द ही उपभोक्ताओं को बिजली के लिए कम कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसकी वजह कोई सरकारी सब्सिडी नहीं, बल्कि बिजली की उत्पादन लागत में कमी है। बिजली, कोयला, नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक एनटीपीसी की कई यूनिटों की बिजली उत्पादन लागत में लगभग 40 पैसे की कमी आई है।

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कोयले के उत्पादन में रिकार्ड बढ़ोतरी, कोयले के आयात में होने वाली कमी व प्लांटों के लिए आवंटित कोयले का एक-दूसरे प्लांट के लिए इस्तेमाल की इजाजत से बिजली उत्पादन की लागत में गिरावट संभव हो पाया है। बिजली की दरें हर राज्य में उस राज्य के राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी) द्वारा तय की जाती है। बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) द्वारा मुख्य रूप से बिजली की खरीद कीमत व उस बिजली की आपूर्ति के बदले उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली राशि को आधार बनाकर बिजली की दरें तय होती हैं।
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ऐसे में बिजली की खरीद कीमत में 40 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी का असर निश्चित रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। एनटीपीसी के मुताबिक कुछ माह पहले तक एनटीपीसी की औसत उत्पादन लागत 3.20 रुपये प्रति यूनिट से अधिक थी जो वर्तमान में घटकर 2.90 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। देश के थर्मल पावर में एनटीपीसी की हिस्सेदारी एक चौथाई से भी अधिक है।

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कई उत्पादन इकाईयों की लागत में कमी

Production cost decreases, soon electricity rate deeps
ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल - फोटो : Getty

एनटीपीसी के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में कंपनी द्वारा कोयले के आयात में 42.19 फीसदी की कमी आई और बिजली उत्पादन के लिए इस दौरान सिर्फ 94 लाख टन कोयले का आयात किया गया जबकि वित्त वर्ष 2014-15 में 163 लाख टन कोयले का आयात किया गया था।

एनटीपीसी के मुताबिक बिजली प्लांट को कोयले की आपूर्ति के लिए तर्कसंगत तरीके से कोयला लिंकेज, कोयले की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कोयले की थर्ड पार्टी सैंपलिंग व अन्य उपायों की वजहों से बिजली उत्पादन की लागत में कमी आई है और आने वाले समय में एनटीपीसी डिस्कॉम को फायदा देने के लिए बिजली उत्पादन की लागत में और कमी करने का प्रयास करेगी।

विद्युत मंत्रालय के मुताबिक विभिन्न प्रयासों की बदौलत सिर्फ एनटीपीसी की उत्पादन लागत में ही नहीं बल्कि लगभग सभी बिजली प्लांट की उत्पादन लागत में कमी आएगी और निश्चित रूप से इसका अंतिम लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता की वजह से बुधवार की शाम 7.30 बजे (पीक ऑवर में) पावर एक्सचेंज में 1982 मेगावाट अतिरिक्त बिजली 2.71 रुपये की दर से उपलब्ध थी।

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